यहां गिरा था माता का दाहिना स्कंध, भगवान शिव ने रखा इस शक्तिपीठ का नाम

Lord Shiva Named This Place As Koumari Shaktipeeth Where Mata Sati Right Skandh Fell - Sakshi Samachar

नवरात्रि शुरू हो गई है और इन नौ दिनों में भक्तजन माता रानी का अपने घर में आह्वान करते हैं, पूरे नौ दिन उनकी भक्ति भाव से पूजा करते हैं, नौ दिन तक व्रत करते हैं साथ ही माता के प्रसिद्ध मंदिरों में जाकर दर्शन भी करते हैं जिससे कि उनके संकट दूर हो सके और उनकी मनोकामना पूरी हो सके। 

रतनपुर में है मां महामाया का सिद्धपीठ
नवरात्रि में भक्तजन मां दुर्गा के कई चमत्कारी मंदिरों के दर्शन के लिए जाते हैं जिससे कि उनकी पूजा जल्द ही फलित हो और उन्हें मनचाहा वरदान मिले, ऐसा ही एक चमत्कारी मंदिर बिलासपुर से 25 किलोमीटर दूर रतनपुर में  मां महामाया का प्राचीन सिद्धपीठ है। जानकारी के मुताबिक यहां स्थापित माता की प्रतिमा पाषाण काल की है। कल्चुरी राजवंश के राजा रत्नदेव प्रथम ने इस नगरी को रतनपुर नाम देकर अपनी राजधानी बनाया था और जहां माता की प्रतिमा थी वहां भव्य मंदिर का निर्माण करवाया था। इससे पहले तक इस नगरी का नाम मणिपुर था।

महामाया की सभी देख चेतना खो बेठे थे राजा
जानकार बताते हैं कि सन् 1045 में राजा अपना राज्य देखने के लिए इस इलाके में आए थे। रात हुई तो एक वट वृक्ष के नीचे विश्राम करने लगे। आधी रात आंख खुली तो राजा दंग रह गए। सामने मां महामाया की सभा लगी है, यह देखकर राजा अपनी चेतना खो बैठे। सुबह होने पर वे अपनी राजधानी तुम्मन लौटे और रतनपुर को अपनी नई राजधानी बनाने का निर्णय लिया। राज्य और प्रजा की सुरक्षा के उद्देश्य से उन्होंने सन् 1050 में उसी जगह पर महामाया के भव्य मंदिर का निर्माण करवाया, जहां उन्होंने माता की सभा देखी थी।

जनश्रुति
 सती की मृत्यु से व्यथित भगवान शिव उनके शव को लेकर ब्रह्मांड में भ्रमण कर  रहे थे। इस दौरान जहां-जहां माता के अंग गिरे, वहां शक्तिपीठ बन गए। स्थानीय लोगों की मानें तो रतनपुर में माता का दाहिना स्कंध गिरा था। भगवान शिव ने स्वयं आविर्भूत होकर इसे कौमारी शक्तिपीठ का नाम दिया था। समय के साथ यहां कई बदलाव हुए लोगों में माता के प्रति आस्था वैसी ही है।

21 हजार ज्योति होगी प्रज्वलित
मां महामाया मंदिर रतनपुर में नवरात्र पर इस बार 21 हजार ज्योति कलश प्रज्वलित होंगे। नवरात्र पर महामाया मंदिर में सुबह 7 बजे, दोपहर 12 बजे एवं शाम को 7 बजे की आरती का यू ट्यूब, फेसबुक पर लाइव प्रसारण किया जाएगा। देवी मां के दर्शन सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सुबह 7 बजे से रात्रि 9 बजे तक दर्शन हो सकेंगे। इसके साथ ही वीडियो कालिंग से आरती व देवीदर्शन कर सकेंगे।

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