तो इसलिए गुरुवार को पहने जाते हैं पीले कपड़े और भगवान को चढ़ाते हैं पीली चीजें

know why yellow clothes are worn on Thursday and offer yellow things to God - Sakshi Samachar

गुरुवार का व्रत भगवान विष्णु को प्रिय है

इस दिन विशेष रूप से पीले कपड़े पहने जाते हैं 

भगवान को पीली मिठाई का भोग लगता है

हिंदू धर्म में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवता को समर्पित है और इसी क्रम में गुरुवार को विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और माना जाता है कि उन्हें गुरुवार का दिन अत्यंत प्रिय है।  भगवान विष्णु के अलावा इस दिन बृहस्पति की पूजा भी होती है। माना जाता है कि गुरुवार के दिन श्री हरि की पूजा की जाए तो वे प्रसन्न होतो हैं साथ ही भक्त को मनचाहा फल प्राप्त होता है।

गुरुवार को पीले रंग का महत्व 

गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा की जाती है साथ ही इस दिन पीले रंग के कपड़े पहने जाते हैं, भगवान विष्णु को पीली चीजों का भोग लगाया जाता है। तो यहां सवाल उठता है कि ऐसा क्यों किया जाता है। क्या खास बात है पीले रंग में। तो आपको बता दें कि इस दिन पीले रंग के वस्त्रों को धारण करना बहुत शुभ माना गया है क्योंकि पीला रंग भगवान विष्णु को अधिक प्रिय है। इसीलिए उन्हें पीली मिठाइयों का भोग भी लगाते हैं। 

साथ ही पीला रंग सादगी का प्रतीक है और इसीलिए हिंदू धर्म में पीले रंग के कपड़ों को लेकर काफी मान्यता है। वैसे तो इसे ज्योतिषशास्त्र में बृहस्पति यानी की गुरु को शुभ गृह माना गया है और बृहस्पतिवार को गरुवार भी कहा जाता है। इस दिन गुरु की पूजा की जाती है और इस दिन की गई पूजा में पीले रंग के वस्त्र को पहनना विशेष रूप से शुभ माना गया है।

गुरुवार के व्रत से दूर होते हैं संकट

बता दें कि, बृहस्पति के दिन रखे गए व्रत में पीले वस्त्रों को धारण जरुर करें, इससे सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है और अगर शादी , रोजगार या फिर घरेलू परेशानी से संबंधित कोई भी बाधा आ रही हो तो इस दिन रखे गए व्रत से आपकी सभी परेशानियों का हल आसानी से निकल जाता है। 

गुरुवार के दिन ऐसे करें पूजा

सुर्योदय होते ही पहले सारे कामों से निवृत्त हो जाए। इसके बाद स्नान कर पीले वस्त्रों को धारण कर लें। वस्त्र को धारण करने के बाद केले के पेड़ की पूजा करें। पूजा करने से पहले केले के पेड़ पर जल अर्पित करें इसके बाद हल्दी का टीका लगाए फिर चना दाल और गुड़ को केले के पेड़ पर चढ़ाए। पूजा करने के बाद बृहस्पतिवार की कथा का पाठ करें। पूजा संपन्न होने के बाद भगवान के सामने हाथ जोड़कर व्रत का संकल्प लें।

गुरुवार के दिन ऐसे रखें व्रत

व्रत रखने के लिए पूरे दिन में किसी भी प्रकार के अनाज या नमक से बनी चीजों का सेवन ना करें और पीले रंग की चीजें खाए जैसे, बेसन के लड्डू, पीला दूध, बेसन का चीला बिना नमक वाला या फिर पीला हलवा आदि का सेवन करें। लेकिन एक बात का विशेष ध्यान रखें की पूरे दिन में सिर्फ एक ही बार व्रत में खाए। इसके बाद अगले दिन स्नान करने के बाद पूजा करें और व्रत का उद्दयापन कर दें।

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