खरमास में सूर्य पूजा से मिलेगा शुभ फल , यूं पूरे विधि-विधान से करें सूर्य पूजा

Know How to please lord surya in kharmaas  - Sakshi Samachar

14 मार्च से  खरमास लग गया है

खरमास में अवश्य करें सूर्य पूजा 

आज यानी 14 मार्च, शनिवार को सूर्यदेव कुंभ राशि को छोड़कर मीन में प्रवेश करने जा रहे हैं। सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करते ही खरमास आरंभ हो जाएगा और सारे शुभ काम रुक जाएंगे। सूर्यदेव एक माह तक यानी 13 अप्रैल तक मीन राशि में ही रहेंगे और इसके बाद मेष में प्रवेश करेंगे। सूर्यदेव के मीन राशि को छोड़ते ही खरमास समाप्त हो जाएगा। 

ज्योतिषियों की मानें तो इस पूरे माह सूर्यदेव गुरु ग्रह की सेवा में रहते हैं। इसी वजह से इस माह मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। वहीं खरमास में सूर्य की विशेष पूजा करनी चाहिए ताकि मनोवांछित फल की प्राप्ति हो सके।  14 मार्च को मीन संक्रांति है तो इस दिन सुबह-सवेरे किसी पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए, दान-पुण्य करना चाहिए जिससे कि हमें शुभ फल की प्राप्ति हो सके और हमारे सारे संकट दूर हो सके। 

खरमास में सूर्य पूजा का महत्व 

खरमास में सूर्य पूजा का बड़ा महत्व है और माना जाता है कि ऐसा करने से सूर्य देव प्रसन्न होकर भक्त को शुभ फल प्रदान करते हैं। 
भविष्य पुराण के ब्राह्म पर्व में श्रीकृष्ण और सांब के संवाद बताए गए हैं। 


सांब श्रीकृष्ण के पुत्र थे। इस अध्याय में श्रीकृष्ण ने सांब को सूर्य देव की महिमा बताई। श्रीकृष्ण ने सांब को बताया कि जो भक्त पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ सूर्य की पूजा करता है, उसे ज्ञान की प्राप्ति होती है। स्वयं मैंने भी सूर्य की पूजा की और इसी के प्रभाव से दिव्य ज्ञान की प्राप्ति हुई। 

खरमास में ऐसे करें सूर्य पूजा .....

- अगर आप सूर्य को प्रतिदिन अर्घ्य नहीं देते तो मीन संक्रांति के दिन से शुरू करें सूर्य पूजा। प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद भगवान सूर्य को जल अर्पित करें। इसके लिए तांबे के लोटे में जल भरें, इसमें चावल, फूल डालकर सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें। जल अर्पित करने के बाद सूर्य मंत्र का जाप करें। 
- सूर्य मंत्र - ऊँ सूर्याय नम:, ऊँ भास्कराय नम:, ऊँ आदित्याय नमः, ऊँ दिनकराय नमः, ऊँ दिवाकराय नमः, ऊँ खखोल्काय स्वाहा इन मंत्रों का जाप करना चाहिए। उपासना में धूप, दीप जलाएं और सूर्य का पूजन करें।

सूर्य के लिए कर सकते हैं ये खास उपाय ...

- सूर्य से संबंधित चीजें जैसे तांबे का बर्तन, पीले या लाल वस्त्र, गेहूं, गुड़, माणिक्य, लाल चंदन आदि का दान करें। अपनी श्रद्धानुसार इन चीजों में से किसी भी चीज का दान किया जा सकता है। 

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हर रविवार सूर्य की विशेष पूजा करें, अर्घ्य दें। रविवार को व्रत करें। बिना नमक का भोजन ग्रहण करें। 

 

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