कुंडली में ग्रहों की दशा खराब हो तो झेलने पड़ते हैं कष्ट, करेंगे ये उपाय तो दूर होगी परेशानियां

follow this tips to overcome problems of grihadasha  - Sakshi Samachar

ज्योतिष में ग्रहों का बड़ा महत्व है 

ग्रहों की दशा का व्यक्ति के जीवन पर प्रभाव 

ग्रह दशा खराब हो तो करें ये खास उपाय 

ज्योतिष में ग्रहों का बड़ा महत्व होता है और ग्रहों की चाल या ग्रह दशा का सीधा असर हमारे जीवन पर पड़ता है। ग्रह दशा ठीक हो तो हमें हर सुख मिलता है, हमारा जीवन आसान हो जाता है पर जब वही खराब हो तो हमें लाख कोशिश के बाद में हमारी अपनी मेहनत का फल भी नहीं मिलता। 

जब किसी को अपनी मेहनत का फल नहीं मिलता और लाख कोशिश के बाद भी जीवन में किसी तरह की कोई खुशी नहीं मिलती तो व्यक्ति निराश हो जाता है और उसे सब कुछ व्यर्थ लगने लगता है। जीवन नरक के समान लगने लगता है और उसे अवसाद अपने चंगुल में जकड़ लेता है। 

अगर हम इसकी तह में जाकर पता करें कि आखिर ऐसा क्यों होता है तो ज्योतिष कहता है कि यह सब ग्रहों का खेल है और जब ग्रह दशा खराब होती है तो लाख कोशिशों के बाद भी न सुख मिलता है और न ही सफलता। 

ऐसे में अगर व्यक्ति अपने भाग्य को कोसने के बजाय ज्योतिष शास्त्र में बताए गए आसान उपाय कर ले तो उसकी ग्रह दशा तो ठीक होती ही है साथ ही उसके जीवन में सुख का संचार भी होता है। 

तो आइये यहां जानते हैं कि किस ग्रह के लिए कौन से उपाय किए जाए ....

- हम जानते ही हैं कि शनि महाराज न्याय के देवता हैं और ये जातकों को उनके कर्मों के अनुसार ही फल देते हैं लेकिन अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि की ग्रह दशा खराब चल रही हो तो फिर ये उस व्यक्ति के जीवन में मुसीबतों का पहाड़ खड़ा कर देते हैं। शनि के कमजोर होने से ज्यादातर क्षेत्र में नुकसान उठाना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र में यह बताया गया है कि अगर शनि की दशा खराब चल रही हो तो मछलियों को आटे की गोलियां खिलानी चाहिए। ऐसा करने से कुंडली में शनि मजबूत होता है।

-वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को साहस, पराक्रम, युद्ध, सेना, भूमि, रक्त, लाल रंग आदि का कारक माना जाता है। अगर किसी जातक की कुंडली में मंगल की स्थिति शुभ न हो तो ऐसी स्थिति में जातकों के जीवन में वैवाहिक परेशानियां, लड़ाई-झगड़े, भूमि संबंधी विवाद, रक्त से जुड़ी शारीरिक परेशानियां आदि होने लगती हैं। कुंडली में मंगल की स्थिति को मजबूत बनाने के लिए और मंगल की अशुभ ग्रह दशा के प्रभाव से बचने के लिए मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा के समय सुंदर पाठ करना चाहिए।

-कुंडली में बुध की दशा शुभ न हो तो जातकों की बुद्धि भ्रष्ट होने लगती है और अन्य प्रकार की शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बुध की खराब दशा के प्रभाव से बचने के लिए आपको बुधवार के दिन किन्नरों को दान करना चाहिए।

- यदि आपकी कुंडली में बृहस्पति देव की स्थिति शुभ न हो तो ऐसी स्थिति में आपको गुरुवार के दिन पीले चंदन का तिलक लगाकर ही घर से बाहर निकलना चाहिए। गुरुवार के दिन केले की पूजा करना भी आपके लिए लाभदायक रहेगा।

-राहु-केतु की ग्रह दशा अगर आपकी कुंडली में सही न हो तो इस स्थिति में आपको काले कुत्ते को तेल लगाकर रोटियां देनी चाहिए। यह उपाय करने से आप राहु-केतु के अशुभ प्रभावों से बचने में सफल हो जाएंगे।

-यदि आपकी कुंडली में शुक्र ग्रह की दशा कमजोर है तो आपको वैवाहिक जीवन से जुड़ी परेशानियां होंगी। घर में दरिद्रता आती है। ऐसी स्थिति में आपको शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी जी की आराधना करनी चाहिए। 

-कुंडली में जब सूर्य की दशा ठीक न हो तो जातकों को इससे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए आपको सूर्योदय के समय सूर्यदेवता को जल का अर्घ्य देना चाहिए। 

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