सावन पुत्रदा एकादशी पर करेंगे ये काम तो प्रसन्न होंगे श्री हरि, भूलकर भी न करें ये गलतियां

do's and dont's of sawan putrada ekadashi  - Sakshi Samachar

पुत्रदा एकादशी का महत्व

पुत्रदा एकादशी पर करें ये खास काम

इस दिन भूलकर भी न करें ये गलतियां 

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का बड़ा महत्व है और माना जाता है कि भगवान विष्णु को एकादशी प्रिय है और भक्तजन एकादशी पर व्रत रखकर उनकी पूजा करते हैं। सावन माह की एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहा जाता है और इस बार पुत्रदा एकादशी का व्रत 30 जुलाई, गुरुवार को रखा जाएगा। 

धार्मिक मान्यता के अनुसार पुत्रदा एकादशी का व्रत संतान प्राप्ति एवं संतान से जुड़ी अन्य समस्याओं के निवारण के लिए रखा जाता है। इसके अलावा पुत्रदा एकादशी व्रत से धन और आरोग्य की प्राप्ति भी होती है। यह एकादशी बहुत ही फलदायी होती है। यह व्रत निर्जल और जलीय अथवा फलाहार सहित दोनों प्रकार से रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन कुछ चीजों को करने की मनाही है वहीं कुछ खास काम इस दिन अवश्य किए जाने चाहिए। 

तो आइए यहां जानते हैं इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए...

व्रत रखने वाले अपनाएं ये नियम ....

- संतान की कामना हेतु एकादशी के दिन भगवान् कृष्ण या विष्णु की पूजा करनी चाहिए।  

- निर्जला व्रत स्वस्थ्य व्यक्ति को रखना चाहिए।

- आम लोगों को फलाहार या जल पर उपवास रखना चाहिए।

-भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी का उपयोग अवश्य करें। 

भूलकर भी न करें ये काम .....

– दशमी को रात में शहद, चना, साग, मसूर की दाल और पान नहीं खाएं। 

– एकादशी के दिन झूठ बोलने और बुराई करने से बचें।

– दशमी को मांस और शराब के सेवन नहीं करें।

– एकादशी के दिन चावल और बैंगन नहीं खाना बेहतर होता है।

– एकादशी और दशमी को मांग कर खाना नहीं खाना चाहिए।

– व्रत के दिन जुआ नहीं खेलें।

-  एकादशी के दिन गुस्सा नहीं करना चाहिए और वाद-विवाद से दूर रहना चाहिए। 

-एकादशी के दिन शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए, इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। 

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एकादशी के दिन महिलाओं का अपमान करने से व्रत का फल नहीं मिलता है। सिर्फ एकादशी के दिन ही नहीं व्यक्ति को किसी भी दिन महिलाओं का अपमान नहीं करना चाहिए।

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