चैत्र नवरात्रि 2020 : जानें व्रत रखने का महत्व और लाभ, देवताओं ने भी रखा था उपवास

benefits of fasting in navratri - Sakshi Samachar

चैत्र नवरात्रि में नौ दिन रखे जाते हैं व्रत 

देवताओं ने भी रखे थे नवरात्रि के  व्रत 

चैत्र नवरात्रि शुरू हो गई है और इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है, घर में कलश स्थापना की जाती है, अखंड दीप जलाया जाता है साथ ही नौ दिनों तक व्रत भी रखा जाता है। माना जाता है कि नवरात्रि में पूजा करने से और व्रत करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है साथ ही भक्त की सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती है। 

चैत्र नवरात्रि 25 मार्च से शुरू हुई है जो 2 अप्रैल रामनवमी तक चलेगी। इन नौ दिनों में मां दुर्गा की पूजा बड़ी फलदायी होती है और भक्तजन अपने घर में मां की चौकी स्थापित करके पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं। नौ दिनों तक व्रत करते हैं।

देखा जाए तो नवरात्रि में व्रत रखने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। मान्यता के अनुसार इन दिनों में रखे गए व्रत का कई गुना फल मिलता है। वैसे तो नवरात्रि में 9 दिनों तक व्रत रखने की परंपरा है परंतु कुछ लोग सिर्फ पहली, अष्टमी और नवमी का व्रत भी रखते हैं। इन दिनों व्रत रखने का विशेष महत्व है।

माना जाता है कि नवरात्रि में देवी पूजा के साथ व्रत रखने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। अगर आप भी नवरात्रि में मां के पवित्र व्रत रख रहे हैं तो इनका महत्व भी जान लीजिये।

-नवरात्रि में देवी पूजा की जाती है। व्रत-उपवास भी पूजा के अंतर्गत ही आते है। व्रत करने से शारीरिक, मानसिक और धार्मिक फायदा होता है। 
- पौराणिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि में व्रत रखने से मन, तन और आत्मा शुद्ध होती है। नवरात्रि के दिनों में 9 दिनों तक व्रत रखकर हम अपने मन, तन और आत्मा का शुद्धिकरण कर सकते है।

- इन दिनों में व्रत करने से विशेष फल मिलता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इन दिनों व्रत रखने से मां प्रसन्न होती है और सभी मनोकामनाएं पूरी करती है।

- नवरात्रि में देवी पूजन और व्रत का विशेष महत्व है। इन दिनों व्रत रखकर हम खुद को शुद्ध, पवित्र, साहसी, मानवीय और आध्यात्मिक तौर पर मजबूत कर सकते है।

- इन दिनों में व्रत करके मां के गुणों को अपनाने का प्रण लेना चाहिए। दरअसल नवरात्रि ऋतु परिवर्तन के समय पर आती है और इस समय में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। नवरात्रि के इन दिनों में व्रत रखने से खान-पान पर संतुलन बना रहता है और शरीर स्वस्थ रहता है। व्रत रखने से मां की कृपा बरसती है और मनोवांछित फल भी मिलता है। 

- नवरात्रि के इन पावन दिनों में व्रत रखने से आध्यात्मिक शक्ति और ज्ञान बढ़ने के साथ विचारों में भी पवित्रता आती है।

देवताओं ने भी रखे थे व्रत ....

धार्मिक पुराणों के अनुसार मां का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए देवताओं ने भी नवरात्रि के 9 दिनों का उपवास रखा था।
- देवराज इंद्र ने राक्षस वृत्रासुर का वध करने के लिए मां दुर्गा की पूजा अर्चना और नवरात्रि व्रत रखें। 
- भगवान शिव ने त्रिपुरासुर दैत्य का वध करने के लिए मां भगवती की पूजा अर्चना की। 
-जगत के पालनहार भगवान विष्णु ने मधु नामक असुर का वध करने के लिए मां दुर्गा की पूजा अर्चना की। 
-भगवान श्री राम ने भी रावण का वध करने के लिए मां दुर्गा की पूजा अर्चना की और नवरात्रि के व्रत किए। देवी मां के आशीर्वाद से ही भगवान राम को अमोघ  वाण प्राप्त हुआ जिससे वो रावण का वध कर पाएं। 
-पांडवों ने भी विजय के लिए देवी मां की उपासना करी थी। 

नवरात्रि के व्रत विशेष फलदायी होते हैं। देवी भागवत पुराण के अनुसार राजा सुरथ को अपना खोया हुआ राज्य और वैभव मां के पावन व्रत रखने से ही मिला था। 

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