प्रेमिका की हत्या के बाद करनी पड़ी 9 लोगों की हत्या, ये है वरंगल की मर्डर मिस्ट्री

Warangal CP Reveals Gorrekunta 9 People Murder Case in Telangana - Sakshi Samachar

अवैध संबंध... प्रेमिका की बेटी पर थी नजर

खाने में नींद की गोलियां मिलाकर.... कुएं में

वरंगल : राज्यभर में खलबली मचाने वाले गीसुकोंडा मंडल के गोर्रेकुंटा हत्या मामले में कई अविश्वसनीय बातें सामने आई हैं। इस मामले में दस लोगों की बेहरमी के साथ हत्या करने वाले आरोपी बिहार निवासी संजय कुमार की करतूतों का खुलासा वरंगल के पुलिस आयुक्त ने मीडिया के सामने किया। 

आरोपी को मीडिया के सामने पेश करने के बाद पुलिस आयुक्त ने बताया कि संजय कुमार ने मकसूद के परिवार के साथ पांच अन्य लोगों की निर्मम हत्या की है। बोरियों की फैक्ट्री में काम कर रहे मकसूद परिवार के अचानक लापता होने की फैक्ट्री मालिक की शिकायत पर 21 मई को मामला दर्ज किया गया। उसी दिन फैक्ट्री के पास में स्थित एक कुएं से चार लोगों के शव बाहर निकाले गए। उनमें मकसूद, उसकी पत्नी, बेटी और उसके बेटे की लाश शामिल थी। उसके अगले दिन उसी कुएं से पांच और शव मिले। यह हत्या या आत्महत्या जानने के लिए कुल छह टीमें गठित की गईं। हैदराबाद से एक क्लूज टीम भी बुलाई गई। इसी क्रम में मामले का पर्दाफाश किया गया।

अवैध संबंध... प्रेमिका की बेटी पर थी नजर

मकसूद का पूरा परिवार बोरियां सिलने वाली फैक्ट्री में काम करता था और उसका परिचय चार साल पहले बिहार निवासी संजय कुमार से हुआ था। मकसूद की पत्नी की बहन रफिका पश्चिम बंगाल से यहां आकर अपनी बेटी के साथ यहीं पर काम कर रही थी। इसी दौरान रफिका का संजय कुमार यादव से परिचय हुआ जो आगे जाकर अवैध संबंध में बदल गया और तब से दोनों लिवइन रहने लगे। इसी क्रम में संजय की नजर रफिका की बेटी पर पड़ी और इसी बात को लेकर संजय और रफिका के बीच झगड़ा शुरू हुआ। संजय कुमार ने रफिका को भरोसा दिया कि वह उससे शादी कर लेगा और 7 मार्च को पश्चिम बंगाल लेकर जाएगा।

इसी क्रम में दोनों 7 मार्च को गरीबरथ एक्सप्रेस से कोलकाता के लिए रवाना हो गए। रफिका की बेटी पर नजर होने से संजय ने रफिका को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसी के तहत संजय ने यात्रा के दौरान मठ्ठा में नींद की गोलियां मिलाकर रफिया को दिया और उसके बेहोश होते ही तड़के 3 बजे चुनरी से गला घोंटा और उसे चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया। उस वक्त आंध्र प्रदेश के निडदवोलु इलाके में रफिका की लाश को भी बरामद कर पुलिस ने संदेहास्पद मौतक का मामला दर्ज हुआ था।

खाने में नींद की गोलियां मिलाकर.... कुएं में
इसी बीच, संजय कुमार वापस लौटा तो मकसूद का परिवार उससे रफिका के बारे में न केवल सवाल किया बल्कि उसका पता बताने की मांग करते हुए उसकी फटकार लगाई। किसी न किसी दिन अपना भंडाफोड़ होने के डर से संजय ने मकसूद के पूरे परिवार को खत्म करने की योजना बनाई। इस महीने की 20 मकसूद के बड़े बेटे का जन्म दिन होने से अंजय ने उसी दिन पूरे परिवार को ठिकाने लगाने का फैसला किया।

एक के बाद एक को लगाया ठिकाने
इसी के तहत हनमकोंडा में नींद की गोलियां खरीदी और मकसूद के परिवार द्वारा पकाए हुए खाने में चोरी-छिपे मिला दिया। इसी क्रम में मकसूद के परिवार के साथ बिहार निवासी श्रीराम और श्याम भी मौजूद थे। उन दोनों के जिन्दा रहने पर अपनी योजना का पर्दाफाश होने के डर से उसने श्रीराम और श्याम के खाने में भी नींद की गोलियां मिला दी। नींद की गोलियां मिला हुआ खाना खाने से रात्रि 12 बजे से पहले ही सभी सो गए। उसके बाद संजय ने रात्रि 2 से तड़के 5 बजे के दौरान मकसूद के पूरे परिवार को बोरियों में भरा और कुएं में फेंक दिया। बाद में दोनों बिहारी युवकों को भी कुएं में धकेल दिया। बाद में वह साइकिल पर सवार होकर वहां से निकल गया।

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