विकास दुबे के दोस्त का खुलासा, पंडित का हुक्म था जो गोली नहीं चलाएगा उसे मैं दूंगा मौत

 Vikas Dubey Ordered Firing At Police Team in Bikru village Says Sonu Pandey - Sakshi Samachar

कानपुर :  चौबेपुर  के बिकरू गांव  में 2-3 जुलाई की की खूनी रात को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। यह खुलासा दुर्दांत विकास दुबे के पड़ोसी ने और बिकरू कांड में नामजद आरोपी शशिकांत उर्फ सोनू पांडे  ने उस रात क्या हुआ इसको लेकर पूरी जानकारी दी है। शशिकांत की मानें तो विकास दुबे के कहने पर उसके 28-30 साथियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं थीं। इस गोलीबारी में सीओ समेत 8 पुलिसवाले शहीद हो गए थे। बता दें कि फरार चल रहे शशिकांत पर पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित किया था।

विकास दुबे के घर पर मौजूद थे 28-30 लोग
 शशिकांत की माने तो  विकास दुबे ने पूरी टीम को ऑर्डर दिया था कि पुलिस वालों के आते ही इतनी फायरिंग करो कि पुलिसवाले दोबारा यहां आने से पहले सोचेने को मजबूर हो जाएं। शशिकांत ने बताया कि उस रात विकास दुबे के घर करीब 28-30 लोग पहले से मौजूद थे। इस दौरान लोगों के  शराब और खाने की व्यवस्था की गई थी। इसी दौरान विकास को थाने से फोन आया कि रात को पुलिस रेड मारने वाली वाली है।

दबिश की सूचना मिलते ही आगबबूला हो गया था विकास
इस बात की भनक मिलते ही विकास  गुस्से से लाल पीला  हो गया और  उसने पुलिस से भिड़ने की ठान ली। उसने सभी साथियों को कहा कि इस बार पुलिस से भागना नहीं है बल्कि उनका मुकाबला करना है।

शशिकांत ने बताया कि पंडित का सख्त हुक्म था कि पुलिस वालों को एक भी मौका नहीं देना है। पुलिस वाले जैसे ही गाड़ी से उतरकर इस ओर बढ़ें ही फायरिंग शुरू कर देनी है। उसने अपने गुर्गों से यह भी कहा था कि अगर कोई पुलिस की डर से भागा या गोली चलाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही हुई तो वह उसे खुद गोली  मार देगा। उसने जैसा कहा था ठीक वैसा ही हुआ। उसने अपने सभी गुर्गोे को चार घरों की छतों पर तैनात कर दिया था। जैसे ही पुलिस की  गाड़ियां रुकी और पुलिसवाले नीचे उतरे, तीन तरफ से छतों से गोलियां चलने लगीं। जिसमें आठ पुलिस वाले शहीद हो गए। 

मीडिया के सामने कबूला गुनाह

 शशिकांत ने मीडिया के सामने कबूला है कि वह और उसके पिता भी वारदात में शामिल थे और पुलिस वालों की हत्या की। प्रेम प्रकाश को पुलिस ने तीन जुलाई को ही मुठभेड़ में मार गिराया था।
 

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