नर्स ही नहीं दो और बहनों ने बनाई थी पूरे परिवार की खुदकुशी की स्क्रिप्ट, सुसाइड नोट आया सामने

Three Sister Made Suicide Plan And Write Suicide Note In Jodhpur Case - Sakshi Samachar

कीटनाश दवाई से ब्लॉक हो गई थी नसें 

सुसाइड नोट में लिखी ये बात

जोधपुर :  पाकिस्तान से विस्थापित हाेकर 6 साल पहले राजस्थान के जोधपुर के ​गांव लोड़ता आए एक परिवार के 12 में से 11 लोगो की सामुहिक मौत से हर कोई हैरान है। सोमवार को सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से तो यह साफ हो गया है कि सभी को जहर का इंजेक्शन दिया गया था। 11 पाक विस्थापितों की सामूहिक मौत की स्क्रिप्ट परिवार की तीनों बेटियों ने मिलकर लिखी थी। पुलिस के रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस और केवलराम के ससुरालवालों की प्रताड़ना से तंग आकर 25 साल की अविवाहित नर्स बेटी प्रिया ने अपनी दो बहनों सुमन (22) और लक्ष्मी (40) के साथ मिलकर पूरे परिवार के साथ खुदकुशी करने की योजना बनाई थी। 

भाई केवलराम को नींद की गोलियां देकर खेत भेजा 

मिली जानकारी के मुताबिक, प्रिया ने पहले परिवार के 10 लोगों को जहर का इंजेक्शन दिया और बाद में खुद भी जान दे दी। इतना ही नहीं भाई केवलराम को उसने नींद की गोलियां देकर खेत में रखवाली करने भेज दिया था। परिवार का यही एक सख्श जिंदा बचा है। जब वह रविवार सुबह खेत से लौटा तो 11 परिजनों को उन्होंने मृत पाया। 

आप को यहां यह बता दें कि सामूहिक सुसाइड करने वाला यह परिवार बुधाराम भील का है, जो साल 2015 में पाकिस्तान से बतौर हिंदू शरणार्थी बनकर भारत आया और जोधपुर के लोड़ता गांव में बस गया। और यहां पर खेती में काम करके गुजर-बसर कर रहा था।  

सुसाइड नोट में लिखी ये बात

सामूहिक सुसाइड मामले में पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड नोट में इस बात का उल्लेख है कि प्रिया पर केवलराम के मूक-बधिर साले के साथ जबरन शादी करने का दबाव बनाया जा रहा था। सुसाइड नोट में इस बात का भी जिक्र है कि दोनों भाइयों केवलराम और रवि का अपनी-अपनी पत्नियों से झगड़ा होते रहता था दोनों के संबंध अच्छे नहीं थे। क्योंकि दोनों भाइयों पर उसकी पत्नियों ने घरेलू हिंसा सहित कई मुकदमे दर्ज करा रखे थे। लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही थी। इन सब चीजों से पूरा परिवार परेशान रहता था। 

पुलिस बदा और भाई बागसिंह दोनों से पूछताछ कर रही है। क्योंकि इन दोनों के नाम सुसाइड नोट में जिक्र किया गया है। जिसमें लिखा है, बदा और बागसिंह जी, 30/07/2020 को मंडोर पुलिस ने मुझे कुछ गलत इंजेक्शन दिया था। पाक से हम बचने के लिए भारत आए थे, जिंदगी बचाने के जगह-जगह लिए छुपे फिरत रहते थे। बागसिंह जी हम आपसे नहीं मिले।

इसमें आगे कहा गया कि पुलिस और वे लोग बहुत खतरनाक हैं। हमें नहीं छोड़ते, बदा हमें क्षमा कर दीजिएगा। हमारी भाभियां और उसके मायके वाले पाक की किसी गलत कंपनी से मिले हुए हैं। ‘बागसिंह जी... हमारा भाई केवलराम डरपोक है, जब हमने ये योजना बनाई थी, तब भाई को पता नहीं था। इसलिए उसे नींद की गोलियां दे दी। भाई का साथ देना।

कीटनाश दवाई से ब्लॉक हो गई थी नसें 

पुलिस ने घटनास्थल से जहर की शीशियों और इंजेक्शन बरामद किए हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक सभी को चूहे मारने की दवा का इंजेक्शन दिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से नींद की दवाई के तौर पर इस्तेमाल होने वाले अल्प्राजोलम की गोलियां भी मिली हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि कीटनाशक के कारण शरीर की नसें ब्लॉक मिली। 5 लोगों रवि, दयाल, लक्ष्मी, नैन व सुमन के बाएं जबकि बुद्धाराम, दीया, मुकदश, अंतरादेवी व दानिश के दाहिने हाथ में इंजेक्शन के निशान हैं। प्रिया ने अपने पैर में इंजेक्शन लगाया।

आप को बता दें कि प्रिया खुद एक नर्स थी, उसे मालुम था कि उसके हाथ में नस आसानी से नहीं मिलती है, ऐसे में उसने पहले से अपने पांव में कैनुला लगा रखा था।  11 मृतकों में से 10 के हाथ में इंजेक्शन की सूई लगी है जबकि प्रिया के पैर में सूई का निशान है।

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