नाबालिग को आइशोलेशन रूम में ले गए, फिर धमकाया और किया सामूहिक दुष्कर्म, डिप्रेशन में नाबालिग

Odisha: Gang rape with minor in covid isolation, police and media persons charged, case registered - Sakshi Samachar

लॉकडाउन में कोविड-19 ड्यूटी पर तैनात थे

आइसोलेशन एरिया में ले गए

पीड़िता की मां ने दर्ज कराई शिकायत

भुवनेश्वर: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। लॉकडाउन के दौरान कथित तौर पर पुलिस और मीडियाकर्मियों ने एक नाबालिग के साथ गैंगरेप किया है। महिला पुलिस स्टेशन में पीड़िता की मां ने इस बारे में शिकायत दी है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

लॉकडाउन में कोविड-19 ड्यूटी पर तैनात थे

भुवनेश्वर के डीसीपी उमाशंकर दास ने बताया कि पीड़िता की मां ने 30 अगस्त को महिला पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार, शिकायत में बताया कि इस साल मार्च और अप्रैल में नाबालिग से रेप किया गया। पीड़िता की मां ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के दो पत्रकार, दो सुरक्षा कर्मी, एक पुलिस अधिकारी और उनके अन्य साथियों ने दुष्कर्म किया।

आइसोलेशन एरिया में ले गए

पीड़िता अपने परिवार के साथ इंफोसिटी थाना क्षेत्र में रहती है। उसके साथ आठ लोगों ने रेप किया, जो लॉकडाउन में कोविड-19 ड्यूटी पर तैनात थे। दरअसल, उन्होंने लड़की को अकेले पाया, जिसके बाद वह उसे गन पॉइंट पर अपने साथ आइसोलेशन एरिया में ले गए। आरोपियों ने पीड़िता को डराया कि अगर इसके बारे में उसने किसी को बताया कि वह उसे मार देंगे। पीड़िता की मां के अनुसार, घटना के बाद से पीड़िता डिप्रेशन में है और उसने डर के चलते इसके बारे में किसी को नहीं बताया।

पीड़िता की मां ने दर्ज कराई शिकायत

पिता के परामर्श के बाद पीड़िता ने अपने साथ हुई घटना के बारे में बताने का साहस जुटाया, जिसके बाद उसके पिता ने इंफोसिटी पुलिस स्टेशन को इस बारे में शिकायत दी। यहां पुलिसकर्मियों ने उसे महिला पुलिस स्टेशन जाने की सलाह दी। ये पूरा मामला गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने स्पेशल टीम बनाई, जो आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है। पीड़िता की मां की शिकायत के बाद IPC और POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।

स्थानीय मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पीड़िता का बयान दर्ज

महिला पुलिस ने शुक्रवार को पीड़िता का मेडिकल एग्जामिनेशन कराया और उसका बयान भी दर्ज किया। इसके बाद स्थानीय मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पीड़िता का पूरा बयान दर्ज किया गया। सूत्रों ने बताया कि मीडियाकर्मी लोकप्रिय क्षेत्रीय चैनल से हैं, जबकि पुलिसकर्मी कोविड-19 ड्यूटी के लिए किसी दूसरे जिले से आए थे।

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