जानिए, देश में कहां व कैसे होती है सोने की तस्करी और इस बार इससे क्यों जुड़ रहा है केरल सीएम का नाम?

Know about the Gold Smuggling in India, Why the name of the Kerala CM is Connecting with smuggling - Sakshi Samachar

नई दिल्ली/ तिरुवनंतपुरम/ कोच्चि : केरल के त्रिवेंद्रम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राजनयिक सामान से 30 किलो सोना जब्त होने के बाद सोने की तस्करी का दायरा बढ़ने का संकेत मिलता है। कोरोना काल में सोने के दाम में आई जोरदार तेजी से तस्करी को प्रोत्साहन मिला है क्योंकि तस्करों को इससे अच्छी कमाई हो जाती है। ऐसे में यह जानना लाजिमी है कि आखिर सोने की तस्करी की वजह क्या है।

सर्राफा बाजार के जानकार बताते हैं कि भारत में सोने की तस्करी की मुख्य वजह ऊंचा आयात शुल्क है। इसके अलावा, विदेशों से आने वाले प्रीमियम क्वालिटी के सोने का रीसेल वैल्यू अच्छा होता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि भारत में सोने की तस्करी सबसे ज्यादा दुबई से होती है और प्रीमियम क्वालिटी का सोना होने के कारण उसका रीसेल वैल्यू अच्छा होता है। जानकार बताते हैं कि विदेशों से सोने की तस्करी बड़े गिरोह करते हैं, जो लालच देकर लोगों को फंसाते हैं और उनके सामान में छिपाकर सोना विदेशों से भारत भेजते हैं।

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के नेशनल प्रेसीडेंट सुरेंद्र मेहता ने बताया कि आसानी से पैसे बनाने की लालच में लोग सोने की तस्करी करते हैं और इस काम में इंडस्ट्री के बाहर के लोग शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि सोने पर भारत में 12.5 फीसदी आयात शुल्क लगता है, जो कि तस्करी की एक बड़ी वजह है। भारत में सोने पर तीन फीसदी जीएसटी भी लगता है। कारोबारी बताते हैं कि लॉकडाउन के दौरान अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें बंद होने से तस्करी बिल्कुल बंद हो गई थी।

केडिया एडवायजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने बताया कि दुबई से आने वाला सोना प्रीमियम क्वालिटी का होने के कारण उसकी मांग अच्छी होती है। वहीं, सोने का मूल्य ज्यादा होने से छोटे परिमाण से भी अच्छी कमाई हो जाती है, इसलिए सोने की तस्करी के प्रति तस्करों की दिलचस्पी ज्यादा होती है। पिछले दिनों त्रिवेंद्रम हवाई अड्डे पर राजनयिक सामान से 30 किलो सोना जब्त किया गया, जिससे सोने की तस्करी में बड़े गिरोह के शामिल होने के संकेत मिलते हैं। तस्कर गिरोह की मुख्य संदिग्ध स्वप्ना के बारे में बताया जाता है कि वह प्रदेश की वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार की करीबी है।

कांग्रेस ने सोना तस्करी मामले में मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया

कांग्रेस ने सोना तस्करी के मामले में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर हमला जारी रखते हुए उनके इस्तीफे की मांग करते हुए राज्य भर में विरोध प्रदर्शन किया और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के खिलाफ कई आरोप लगाए। दूसरी तरफ भाजपा के प्रवक्ता बी गोपालकृष्णन ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि वह कांग्रेस नेता के सी वेणुगोपाल हैं, जिन्होंने इस मामले में फरार चल रही महिला के लिए विदेश में वाणिज्य दूतावास में नौकरी की सिफारिश की थी। हालांकि वेणुगोपाल ने आरोपों को खारिज किया है।

केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथाला ने मलयानकेझूनियर में विरोध प्रदर्शन की शुरुआत करते हुए कहा, ‘‘ऐसा मुख्यमंत्री, जो अपने उस पूर्व प्रमुख सचिव की प्रशंसा करता है और उसकी सुरक्षा करता है, जो अंतर्राष्ट्रीय तस्करी एजेंसियों की मदद करता रहा है, को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। हम मांग करते हैं कि वह और उनकी सरकार इस्तीफा दे।'' उन्होंने आरोप लगाया की सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में सौ से ज्यादा अवैध नियुक्तियां की गई हैं।

चेन्नीथाला ने कहा, ‘‘अमेरिका की नागरिकता वाली एक महिला स्टार्ट अप मिशन के साथ काम कर रही है। उसका नाम वहां मतदाता सूची मे है। पूर्व प्रधान सचिव ने पिछले दरवाजे से जितनी भी नियुक्तियां की हैं, मुख्यमंत्री उनके बारे में जानते हैं। सरकार को सारी बातें बतानी चाहिए।'' भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख के. सुरेन्द्रन ने दावा किया कि विजयन राज्य की जनता को मूर्ख बना रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर राज्य के लोगों को मूर्ख बना रहे हैं। मामले में शामिल महिला खाड़ी क्षेत्र में माकपा की एक मध्यस्थ है।''

हालांकि उन्होंने फरार आरोपी के भाजपा के साथ कथित संबंध पर कुछ भी कहने से इनकार किया। गौरतलब है कि हाल ही में केरल के एक हवाईअड्डे से ‘‘राजनयिक सामान'' में से 30 किलोग्राम से अधिक सोना जब्त किया था। सीमा शुल्क के अधिकारियों ने कहा था कि यह राजनयिक छूट का गलत इस्तेमाल कर किसी गिरोह द्वारा तस्करी की कोशिश का संदिग्ध मामला है।

सोने की तस्करी का मामला: केंद्रीय एजेंसियों ने फरार महिला का पता लगाने के लिए केरल पुलिस से मदद मांगी

कोच्चि स्थित केंद्रीय एजेंसियों ने सोने की तस्करी के सनसनीखेज मामले में वांछित महिला का पता लगाने को लेकर केरल पुलिस से मदद मांगी है। महिला राज्य में स्थित एक वाणिज्य दूतावास की पूर्व कर्मचारी है। घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसियों ने राज्य पुलिस को पत्र लिखकर इस मामले में वांछित फरार महिला और उसके दोस्त का पता लगाने के लिए तकनीकी सहायता मांगी है।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर उनसे तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक राजनयिक के सामान से करोड़ों रुपये के सोने की जब्ती के मामले में एक प्रभावी जांच के लिए हस्तक्षेप का आग्रह किया था। इस बीच, मामले में फरार चल रही संदिग्ध मुख्य आरोपी महिला ने अग्रिम जमानत के लिए केरल उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। महिला ने बुधवार रात को ऑनलाइन माध्यम से जमानत की अर्जी दी। गौरतलब है कि हाल ही में तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कार्गो विमान से लाए गए ‘‘राजनयिक के सामान'' से 30 किलोग्राम से अधिक सोने को जब्त किया गया था।

केरल में सोना तस्करी मामले की आरोपी स्वप्ना ने मांगी अग्रिम जमानत

सोने की तस्करी के विवादास्पद मामले में 'आरोपी' स्वप्ना सुरेश ने केरल उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाई है। अदालत इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगी। अपनी याचिका में उन्होंने दावा किया है कि वह निर्दोष हैं और उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है। मीडिया उन पर निराधार आरोप लगा रही है। याचिका में आगे कहा गया है कि उनके पास बैगेज को क्लीयर करने के लिए जरूरी क्रिडेंशियल्स हैं, क्योंकि यूएई वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने उनसे ऐसा करने के लिए कहा था।

इस मामले ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को हिला कर रख दिया है, क्योंकि स्वप्ना सुरेश राज्य में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार की करीबी मानी जाती हैं। उनकी योग्यता संदिग्ध होने के बाद भी वह ऊंचे वेतन वाली नौकरी कर रही थीं। इतना ही नहीं वह वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एम.शिवशंकर की बेहद करीबी हैं, जो कि विजयन के सचिव और राज्य के आईटी सचिव हैं। विजयन ने नुकसान को नियंत्रण में लाने के लिए शिवशंकर को बाहर निकाल दिया गया है, लेकिन इससे स्थिति भड़क गई है और विजयन की छवि को झटका लगा है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने ही उन पर हमला बोल दिया है।

हाजिर मांग और वैश्विक संकेतों से सोना वाायदा कीमतों में तेजी

बता दें कि इस बीच मजबूत हाजिर मांग के कारण देश में सटोरियों ने ताजा सौदों की लिवाली की जिससे वायदा कारोबार में बृहस्पतिवार को सोना की कीमत 56 रुपये की तेजी के साथ 49,215 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। एमसीएक्स में सोने के अगस्त माह में डिलीवरी वाले अनुबंध की कीमत 56 रुपये अथवा 0.11 प्रतिशत की तेजी के साथ 49,215 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई, जिसमें 10,797 लॉट के लिए कारोबार हुआ। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कारोबारियों की ताजा लिवाली से मुख्यत: सोने की कीमतों में तेजी आई। हालांकि वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना का भाव 0.09 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,822.30 डॉलर प्रति औंस हो गया।

— एजेंसियां

Advertisement
Back to Top