केरल सोना तस्कर मामला : हिरासत में भेजे गए आरोपी स्वप्ना और संदीप, होंगे क्वारंटाइन

Kerala Gold Smuggling Case: Accused Swapna and Sandeep sent to Custody, will be Quarantined - Sakshi Samachar

तिरुवनंतपुरम : केरल में सोना तस्करी मामले के दो प्रमुख आरोपी स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर को कोच्चि में एनआईए अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया। फिलहाल उन्हें 14 दिनों के रिमांड पर लिया गया है। इसके बाद उन्हें क्वारंटाइन सेंटर भेजा जाएगा। आज कोविड-19 की जांच के लिए दोनों का सेंपल लिया जाना है। इस जांच की रिपोर्ट कल सवेरे तक आ जाएगी। अगर दोनों के जांच की रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो कोर्ट उनकी कस्टडी मंजूर करेगी।

सूत्रों के मुताबिक स्वप्ना सुरेश को त्रिशूर जिले के क्वारंटाइन सेंटर भेजा जाएगा जबकि संदीप नायर को अंगामाली स्थित कारुकुट्टी क्वारंटाइन सेंटर भेजा जाएगा।

बता दें कि आज शाम तक आई राज्य स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक केरल में कोविड—19 के 435 नए मामले सामने आए हैं। इसे लेकर राज्य में फिलहाल संक्रमितों की संख्या 3,743 हो गई है। आज तक केरल में कुल 4,097 लोग कोरोना संक्रमण के बाद ठीक होकर अपने घर लौट गए हैं।

बेंगलुरू से हुई गिरफ्तारी

गौरतलब है कि केरल के सोना तस्करी मामले में आरोपित स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने शनिवार को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया। स्वप्ना के परिवार के सदस्यों को भी हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों ने बताया था कि दोनों को रविवार को ट्रांजिट रिमांड पर तिरुवनंतरपुरम लाया जाएगा और स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले में नाम आने के बाद से ही दोनों फरार थे।

गिरफ्तारी के लिए हो रहे थे प्रयास

दोनों की गिरफ्तारी से कुछ ही मिनट पहले केरल के पुलिस प्रमुख लोकनाथ बेहेरा ने एनआइए और सीमा शुल्क विभाग की मदद के लिए विशेष टीम का गठन किया था। मालूम हो कि सीमा शुल्क विभाग ने पांच जुलाई को तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 15 करोड़ रुपये मूल्य का 30 किग्रा सोना जब्त किया था। इसे राजनयिक कंसाइनमेंट में छिपाकर रखा गया था।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े तार

इस मामले में शुक्रवार को एनआइए ने तिरुवनंतपुरम के स्वप्ना सुरेश, सरिथ कुमार, संदीप नायर और एर्नाकुलम के फाजिल फरीद के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी। उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। एनआइए का कहना है कि उसने इस मामले की जांच इसलिए अपने हाथ में ली है क्योंकि इसके तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि सोना तस्करी से प्राप्त रकम का इस्तेमाल आतंकी वित्तपोषण के लिए किया जा सकता था।

स्पेस पार्क में कार्यरत थी स्वप्ना

स्वप्ना 'केरल स्टेट इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड' (केएसआइटीआइएल) के स्पेस पार्क में कार्यरत थी जो सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के तहत आता है। वह तिरुवनंतपुरम स्थित संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के वाणिज्य दूतावास में भी काम कर चुकी है जबकि सरिथ कुमार यूएई के वाणिज्य दूतावास में पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (पीआरओ) रह चुका है और उसे छह जुलाई को सीमा शुल्क विभाग ने गिरफ्तार किया था।

स्वप्ना के खिलाफ फर्जी डिग्री की भी जांच होगी

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शनिवार को कहा कि स्वप्ना सुरेश के खिलाफ फर्जी डिग्री दाखिल करने की शिकायत की भी जांच की जाएगी। स्वप्ना ने कथित तौर पर केएसआइटीआइएल के स्पेस पार्क में नियुक्ति पाने के लिए बीकॉम का फर्जी प्रमाणपत्र दाखिल किया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस को इस आशय की शिकायत मिली है जिसकी जांच की जाएगी।

अग्रिम जमानत याचिका का विरोध

एनआइए ने केरल हाई कोर्ट को आरोपितों के खिलाफ यूएपीए के तहत केस दर्ज करने की जानकारी दे चुकी है। साथ ही स्वप्ना सुरेश की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध भी किया है। एजेंसी का कहना है कि स्वप्ना सुरेश को हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है। खुद केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने का अनुरोध किया था। एनआइए ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के डिप्लोमैटिक बैग के माध्यम से सोना तस्करी लंबे समय से चलने की आशंका जताई थी।

आतंकी फंडिंग का संदेह

अधिकारियों की मानें तो तस्‍करी के सोने का इस्‍तेमाल आतंकी फंडिंग के लिए किए जाने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। यह मामला यूएई के केरल स्थित वाणिज्य दूतावास को भेजे गए डिप्लोमैटिक बैग में 15 करोड़ रुपये मूल्य के 30 किलो सोना मिलने का है। मामला खुलने के बाद केरल के प्रमुख सचिव एम शिवशंकर को पद से हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री कार्यालय व सरकार के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले को रफा-दफा करने के लिए कस्टम के अधिकारियों पर दबाव बना रहे थे।

Advertisement
Back to Top