संतान की चाहत में पति-पत्नी भूल गए इंसानियत, 6 साल की बच्ची का खाया लिवर और कलेजा

Kanpur : Couple eats 6 Year girls Liver and lungs after she raped and murdered after Kidnap in UP  - Sakshi Samachar

बच्ची का कलेजा खाने से संतान होने का भ्रम 

भांजे को 500 तो उसके दोस्त को 1,000 रुपए

1999 में हुई थी दंपती की शादी 

कानपुर : दीपावली के दिन घाटमपुर में 6 साल की मासूम बच्ची की किडनैप, गैंगरेप और बाद में निर्मम हत्या कर दी गई। घटना की कुछ ही घंटों बाद बच्ची की लाश कटी हालत में मिली थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो देखा कि बच्ची के दोनों फेफड़े गायब थे और उसकी अंगुलियां कटी हुई थीं। अब जब इस घटना को 72 घंटे से ज्यादा वक्त हो चुका है तब पुलिस ने इस नृशंस हत्या की गुत्थी को सुलझा लिया है।

पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने हत्याकांड को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बच्ची की हत्या के बाद उसके फेफड़े बाहर निकाल कर उनका इस्तेमाल तंत्र पूजा में किया गया। 

बच्ची का कलेजा खाने से संतान होने का भ्रम 

पड़ताल के दौरान पुलिस ने जानकारी के आधार पर पुलिस ने गांव के ही अंकुल और बीरन को हिरासत में ले लिया। दोनों से कड़ाई से पूछताछ की। पहले तो दोनों पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन आखिरकार वे टूट गए और सच्चाई बयान कर दी। अंकुल ने बताया कि चाचा परशुराम ने हमें बताया था कि उसने एक किताब में पढ़ा है कि अगर किसी बच्ची का कलेजा (लिवर) वह अपनी पत्नी के साथ मिलकर खाए तो संतान की प्राप्ति होगी।

भांजे को 500 तो उसके दोस्त को 1,000 रुपए

इसके लिए परशुराम ने अंकुल को कुछ पैसे दिए। घटना को अंजाम देने के पहले अंकुल ने पहले अपने दोस्त बीरन के साथ शराब पी और फिर पड़ोस में ही रहने वाली बच्ची को पटाखा दिलाने के बहाने घर से लेकर आया। फिर जंगल ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया। बाद में पेट फाड़कर अंदर से सारे अंग निकाल लिए और परशुराम को ले जाकर दे दिए। अंकुल के मुताबिक, चाचा परशुराम ने चाची के साथ मिलकर बच्ची का कलेजा खाया और बाकी अंग कुत्ते को खिला दिए। फिर पॉलिथीन में बांधकर फेंक दिए। चाचा ने इस काम के लिए मुझे 500 और दोस्त बीरन कुरील को 1000 रुपए देकर तैयार किया था।

1999 में हुई थी परशुराम की शादी

SP ग्रामीण बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि उसी गांव में रहने वाले परशुराम की शादी 1999 में हुई थी। लेकिन उसे कोई भी संतान नहीं थी। संतान की चाहत में उसने अपने भतीजे अंकुल को बच्ची का कलेजा लाने के लिए तैयार किया। घटना की पूरी जानकारी परशुराम व उसकी पत्नी सुनैना को भी थी। दोनों को हिरासत में ले लिया गया है। अभी दोनों से गहनता से पूछताछ की जा रही है और वहीं, अंकुल और वीरन कुरील को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

सीएम ने दिया कड़ी कार्रवाई का आदेश

इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को आरोपियों के खिलाफ कड़़ी कार्रवाई करने के अलावा पीड़ित परिवार को पांच लाख की आर्थिक सहायता पहुंचाने का आदेश दिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को जल्द सजा सुनाने के लिए मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सौंपा जाएगा।

गौरतलब है कि दिवाली के दिन शाम को बच्ची अचानक गायब हो गई। परिवार के सदस्य त्योहार की तैयारी में बिजी थे और बच्ची पटाखों के लिए घर से बाहर निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिवार के सदस्यों ने आस-पास के अलावा पास के जंगल में भी उसकी तलाशी की, लेकिन अगले दिन रविवार सुबह जंगल से गुजर रहे कुछ लोगों ने बच्ची की  कटी लाश को देखा। घटनास्थल से थोड़ी दूर एक पेड़ के पास बच्ची की चप्पलें और कपड़ पड़े हुए थे। बच्ची के माता-पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करने के साथ ही अंकुल कुर्ली और बीरन नाम के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था।

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