पूर्व पुलिस प्रमुख पर बहू ने लगाये संगीन आरोप, जानिए क्या है मामला?

Jharkhand Ex DGP DK Pandey booked for Dowry case - Sakshi Samachar

रांची: झारखंड के पूर्व पुलिस प्रमुख और तेज तर्रार आईपीएस रहे डीके पांडेय इन दिनों मुश्किल में हैं। उनकी पत्नी और बेटे के खिलाफ उनकी ही बहू ने दहेज प्रताड़ना का केस ठोंक दिया है। रांची के महिला थाने में बहू ने शिकायत दर्ज कराई है। पांडेय के अलावा पत्नी डॉ पूनम पांडेय और बेटे शुभांकन के खिलाफ बहू ने संगीन आरोप लगाए हैं। 

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शुभांकन की पत्नी रेखा मिश्रा का आरोप है कि तीन साल पहले उनकी शादी हुई थी। जिसके बाद से ही दहेज को लेकर सास ससुर और पति ताना देते रहते थे। रेखा को मानसिक रूप से प्रताड़‍ित किया गया। परिस्थितियां जब जटिल होती चली गई तो रेखा मायके चली आईं। जिसके बाद उन्होंने कानूनी कदम उठाने का फैसला लिया है। रेखा ने अपनी प्राथमिकी में ससुर और पूर्व डीजीपी डीके पांडेय का नाम भी दिया है।

डीके पांडेय का कैसा है प्रोफाइल?

डीके पांडेय जब डीजीपी हुआ करते थे तो उनका बड़ा नाम था। नक्सलियों के खिलाफ लोहा लेने के अलावा पांडेय ने घरेलू हिंसा को लेकर कई कदम उठाये थे। खासकर महिला हिंसा और प्रता़ड़ना के खिलाफ उन्होंने कड़े निर्देश दिये थे। डीके पांडेय झारखंड में सबसे लंबी अवधि तक डीजीपी पद पर रहने वाले अधिकारी रहे हैं। डीके पांडेय के कार्यकाल में ही महिला सुरक्षा के लिए शक्ति एप को प्रचारित किया गया। यही नहीं शक्ति मोबाईल और महिला कमांडो की भी तैनाती उन्होंने करवाई। पांडेय के प्रयासों की बदौलत ही पुलिस की नौकरी में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी थी। अपने कार्यकाल के दौरान संबोधनों में वे महिलाओं के बारे में जिक्र करना नहीं भूलते थे। राज्य के थानों में महिला मुंशी का प्रस्ताव पांडेय ने ही दिया था। महिलाओं के लिए इतना कुछ करने वाले डीजीपी अपने घर में ही निशाने पर हैं। दहेज प्रताडऩा जैसा घिनौना आरोप डीके पांडेय के खिलाफ लगा है। हालांकि पुलिस जांच में आरोपों की तस्दीक नहीं हुई है। जांच जारी है लिहाजा डीके पांडेय जैसी शख्सियत पर कीचड़ उछालने से पहले लोग सोच में पड़ जाते हैं। 

करियर के दौरान डीके पांडेय का विवादित चेहरा 

इसमें कोई शक नहीं की पूर्व डीजीपी डीके पांडेय ने अपने कार्यकाल के दौरान कई सुधारात्मक काम किए। वहीं कुछ ऐसे मामले भी आए जिसमें उन्हें विवादित होना पड़ा। पलामू के चर्चित बकोरिया कांड में उनपर गंभीर आरोप लगाए गए। पुलिस पर 2015 में 12 निर्दोष लोगों को नक्सली बताकर मुठभेड़ में मार गिराने का संगीन आरोप लगा। जिसमें सीबीआई ने खुद डीके पांडेय को आरोपी बनाया था। रांची के कांके में पत्नी के नाम पर गैरमजरूआ जमीन की गलत तरीके से बंदोबस्ती कराने और उसके ऊपर घर बनाने का आरोप भी पांडेय पर लगा था। इस बार पांडेय घरेलू विवाद में फंसे हैं। देखना है कि पुलिस जांच में क्या कुछ निकल कर आता है। 

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