हाथरस गैंग रेप ने फिर किया शर्मसार, पीड़िता का नाम किया गया सार्वजनिक, योगी की हो रही खूब किरकिरी

Hathras gang rape again embarrassed, victim's name was made public, Yogi is getting very gritty - Sakshi Samachar

हमें हमारी बच्ची का चेहरा नहीं दिखाया गया

पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार पुलिस ने जबरन नहीं किया

क्या पीड़िता का जीभ कटा था?

उत्तर प्रदेश के हाथरस गैंगरेप पीड़िता की मौत ने नई दिल्ली के निर्भया हत्या कांड की यादें सबके दिलोदिमाग पर एक बार फिर से ताजा कर दी हैं। जिस बेरहमी ने यूपी में इस घटना को अंजाम दिया गया, वह दुष्कर्म करने वालों की गंदी मानसिकता का परिचायक है।

सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया

इस घटना के बाद योगी सरकार की सोशल मीडिया पर खूब किरकिरी हो रही है। इसके बाद उनके इस्तीफे की मांग भी की जाने लगी है। हालांकि पीएम मोदी और सीएम योगी की बातचीत के बाद यूपी के सभी अफसरों और अधिकारियों का तबादला शुरू हो चुका है। बता दें कि पीड़िता के परिवारवालों से सीएम योगी ने बातचीत की है। परिवार ने मामले के सीबीआई जांच की मांग की है। योगी ने परिवार को अपराधियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

ऐसी घटनाएं जितना हमें दुख पहुंचाती हैं, उतना ही दुख इस बात से भी होता है कि मीडिया दुष्कर्म पीड़िता का असली नाम सार्वजनिक कर देती है या किसी भी तरह से पीड़िता का नाम लोगों को मालूम हो जाता है और लोग उसे उसी तरह से लगातार आगे बढ़ाते जाते हैं।

हैदराबाद और दिल्ली में भी ऐसा हुआ था

इससे पहले हैदराबाद में भी रेप की वारदात सामने आई थी, जिसमें दुष्कर्म पीड़िता का नाम सार्वजनिक कर दिया गया। हालांकि बाद में उसे दिशा नाम से पुकारा जाने लगा। ऐसा पहली बार नहीं हुआ। दिल्ली रेप कांड में भी ऐसा ही हुआ था। लोगों को पीड़िता की तस्वीर और नाम मालूम चल गया था हालांकि उसे हमेशा निर्भया नाम से ही संबोधित किया गया था।

लोगों को यह बात समझनी चाहिए कि पीड़िता के परिवार के हालात को भी ध्यान में रखा जाए। ताकि हमारी वजह से उनकी तकलीफ और ज्यादा बढ़  न जाए। ऐसे किसी भी मामले में हमें पीड़िता का नाम या उसकी तस्वीर सार्वजनिक होने से रोकना चाहिए।

हमें हमारी बच्ची का चेहरा नहीं दिखाया गया

वहीं, दूसरी ओर पीड़िता की मां ने बुधवार को कहा कि हमें हमारी बच्ची का चेहरा नहीं दिखाया गया। उन्होंने कहा कि डीएम और एसपी साहब आए थे, वो कह रहे हैं कि बेटी की हड्डी नहीं टूटी और उसे चोट नहीं लगी है। ये झूठ बोल रहे हैं और हर मसले पर गलत बयान दे रहे हैं।

पीड़िता की मां ने कहा कि क्या अगर उनकी बेटी के साथ ऐसा होगा तो वो बर्दाश्त करेंगे। अब ये दलित की बेटी है तो ये इस तरह मामले को दबा रहे हैं।

पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार पुलिस ने जबरन नहीं किया

वहीं, जबरन अंतिम संस्कार के आरोपों पर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा है कि हाथरस गैंगरेप पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार पुलिस ने जबरन नहीं किया है। परिवारवालों की सहमति के बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया गया था। उन्होंने कहा कि देर होने से शव खराब भी हो रहा था। अंतिम संस्कार के वक्त पीड़िता के परिवारवाले भी मौजूद थे।

एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि पीड़िता के अंतिम संस्कार को लेकर जिला प्रशासन ने ट्वीट किया था कि उसका अंतिम संस्कार परिवारवालों की मौजूदगी और उनकी सहमति से किया गया। उन्होंने कहा कि पीड़िता की मृत्यु 29 सितंबर की सुबह हुई थी और पोस्टमार्टम के बाद डेडबॉडी खराब हो रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन ने परिवार की सहमति से पीड़िता का अंतिम संस्कार किया।

क्या पीड़िता का जीभ कटा था?

इस सवाल पर एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, रिपोर्ट आने के बाद इसे मीडिया के साथ साझा किया जाएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि जब पीड़िता सफदरजंग अस्पताल शिफ्ट किया जा रहा था तो उस वक्त के मेडिकल रिपोर्ट में ऐसी कोई बात नहीं थी।

उन्होंने कहा कि 22 सितंबर को पीड़िता ने पहली बार गैंगरेप की बात की थी, इसके बाद पुलिस इसकी जांच में जुट गई। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही यौन हमले की पुष्टि हो सकेगी।

क्या आरोपी और पीड़िता के परिवार के बीच तनाव था?

इस बाबत एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि ये बात सही है कि दोनों परिवारों के बीच बीते सालों में टकराव हुआ था। मामला 2001 का है तब कई धाराओं में मारपीट का केस दर्ज किया गया था। 2015 में दोनों पार्टियों ने इस मामले में समझौता कर लिया था। इसके बाद सभी आरोपी जेल से बाहर आ गए थे।

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