पत्रकार के बेटे दीक्षित का हत्यारा मीडिया के सामने पेश, रिमांड रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासे

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सागर ने दीक्षित के शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी

दीक्षित रेड्डी हत्या का आरोपी मीडिया के सामने पेश

अकेले मंदा सागर ने ही दीक्षित की हत्या की है

महबूबाबाद (तेलंगाना) : पुलिस ने शहर के पत्रकार रंजीत रेड्डी के बेटे नौ वर्षीय दीक्षित रेड्डी के अपहरण और हत्या के आरोपी मंदा सागर को शुक्रवार को मीडिया के सामने पेश किया।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कोटि रेड्डी ने मीडिया से कहा, “अपहरणकर्ता सागरने अपहरण के 2 घंटे के भीतर दीक्षित की हत्या कर दी। सागर ने पहले दीक्षित को नींद की गोलियां दीं। बाद में रूमाल से हाथ बांध दिये। इसके बाद दीक्षित के टी-शर्ट से गला घोंट दिया। हत्या करने के बाद उसने दीक्षित के माता-पिता फोन करके 45 लाख रुपये की मांग की।"

पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया, "आरोपी ने हत्या करने के ठीकाने से दीक्षित के माता-पिता को फोन किया। 45 लाख रुपये नहीं दिया गया तो उनते बेटे को जान से मार डालने की धमकी दी। इंटरनेट कॉल के होने कारण हम तुरंत फोन कॉल का पता लगा नहीं पाये। हैदराबाद और वरंगल साइबर क्राइम इंटेलिजेंस में काम करने वाले विशेषज्ञों ने सागर के फोन कॉल का पता लगाया। हत्या करने के बाद सागर ने दीक्षित के शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। अकेले मंदा सागर ने ही दीक्षित की हत्या की है।"

                                                           दीक्षित

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रिमांड रिपोर्ट में मुख्य बातें-

दीक्षित रेड्डी के अपहरण और हत्या मामले की रिमांड रिपोर्ट में आश्यर्य चकित करने वाले बातें सामने आये हैं। अभियुक्त सागर पिछले साल से डिंग टॉक वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल ऐप का उपयोग कर रहा है। वह अपनी प्रेमिका को कॉल करने के लिए इस ऐप का उपयोग कर रहा है। इसी ऐप के माध्यम से उसने लड़के के माता-पिता को फोन किया।

पुलिस के लिए चुनौती

मोबाइल नंबर के बजाय ऐप के माध्यम से कॉल किये जाने के कारण आरोपी का पता लगाने में पुलिस के लिए तीन दिन तक एक चुनौती बन गई थी। सागर ने दीक्षित को पेट्रोल पंप तक जाने की बात बताकर बाइक पर बिठाकर ले गया। पहचान का व्यक्ति होने के कारण दीक्षित उसके बाइक पर बैठ गया।

                                       दीक्षित अपनी मां के साथ (फाइल फोटो)

नींद की गोलियां

सागर ने पहले ही एक स्थानीय मेडिकल स्टोर से दो नींद की गोलियां खरीदी थीं। बीच रास्ते में पानी पीने के लिए रुक गया। उसने पीने के पानी में नींद की गोलियां डाल दीं। इसके चलते दीक्षित बेहोश हो गया। इसी समय आरोपी ने बच्चे की हत्या कर दी। इसके बाद उसने डिंग टॉक वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल से लड़के के माता-पिता को फोन किया और पैसे की मांग की।

चौरास्ता के पास बुलाया

सागर ने रंजीत रेड्डी को फोन करके एक चौरास्ता के पास बुलाया। साथ ही यह सब अपने शॉप में बैठकर उसके हरकतों को देखता रहा। उसको संदेह हुआ कि पुलिस मफ्ती में उसका पीछा कर रही है। यह देख उसने फिर से रंजीत रेड्डी को ऐप से फोन किया। इतना ही नहीं हत्या के तुरंत बाद लड़के के माता-पिता की प्रतिक्रिया देखने के लिए मनोज रेड्डी के घर गया।

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