मेंटल दवाखाने में भर्ती और नरसीपट्टणम एनेस्थीशिया विशेषज्ञ डॉ सुधाकर के खिलाफ मामला दर्ज

 CBI Case File Against Dr Sudhakar At Visakhapatnam - Sakshi Samachar

सीबीआई ने किया नरसीपट्टणम के डॉ सुधाकर के खिलाफ मामला दर्ज

सीबीआई ने 130 पृष्ठ वाले में सीडी में 23 गवाहों को शामिल किया

विशाखापट्टणम : सीबीआई ने अपनी हरकतों से सुर्खयों में आये और मेंटल दवाखाने में भर्ती नरसीपट्टणम एनेस्थीशिया विशेषज्ञ डॉ सुधाकर के खिलाफ  
मामला दर्ज किया है। सीबीआई के अधीक्षक विमला आदित्या ने मंगलवार रात को मीडिया को बताया कि लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन और एक सरकारी
पद पर रहते हुए नियमों के विरुद्ध बर्ताव करने वाले डॉक्टर सुधाकर के सुधाकर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की पूरी
जानकारी वेबसाइट पर रखी गई है। 

उन्होंने आगे बताया कि चार दिन तक मामले के बारे में पूछताछ की गई। इसी के अंतर्गत स्थानीय चौथे थाने के पुलिसकर्मी, डॉ सुधाकर, उनके परिजन और
अस्पताल के अन्य कर्मचारियों के साथ पूछताछ ली गई। इसके बाद ही सुधाकर के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 व 357 के तहत मामला दर्ज किया है।
इस मामले से संबंधित सीडी फाइल को स्थानीय पुलिस थाने को सौंप दी गई है। 130 पृष्ठ वाले में सीडी में 23 गवाहों को शामिल किया गया है।

आपको बता दें कि नरसीपट्टणम सरकारी अस्पताल में एनेस्थीशिया के डॉक्टर के रूप में कार्यरत और हाल ही में निलंबित चिकित्सक सुधाकर शनिवार, 16
मई शाम को मर्रिपालेम से बालय्या शास्त्री ले-आउट स्थित अपने निवासी की ओर जाने के लिए निकले। लेकिन बीच राह में पोर्ट अस्पताल के पास राष्ट्रीय
मार्ग पर कार को रोककर स्थानीय निवासी और ऑटो चालकों के साथ गाली-गलौज करना शुरू किया। इसके चलते स्थानीय लोगों ने 100 नंबर वाली सेवा को
फोन किया। 

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घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और डॉ सुधाकर को समझाने की कोशिश की। मगर डॉक्टर ने पुलिस, नेता और स्थानीय लोग के साथ
भी गाली-गलौज करना शुरू किया। साथ ही अपनी शर्ट निकालकर सड़क पर हंगामा खड़ा किया। 

इस घटना का अपने सेल फोन में वीडियो निकाल रहे पुलिस कांस्टेबल रमणा का फोन खींचकर जमीन पर पटक दिया। डॉक्टर के रवैये से तंग पुलिस ने उसे
पकड़कर रस्सी से बांध दिया। इसके बाद नशे की स्थिति की जांच करने के लिए केजीएच अस्पताल भेज दिया। 

ईस्ट एसीपी कुलशेखर ने बताया कि खून के नमूने लेने के बाद डॉक्टरों के सुझाव पर सुधाकर को सरकारी मानसिक चिकित्सालय भेज दिया गया है। इसके
साथ ही डॉ सुधाकर के खिलाफ आईपीसी की धारा 353 सेक्शन के तहत मामला दर्ज किया है। दूसरी ओर सीपी आरके मीना ने बताया कि डॉक्टर सुधाकर
को लाठी से मारे जाने के आरोप के चलते ट्रैफिक कांस्टेबल को निलंबति किया गया है। 

राजनीतिक कनेक्शन

मामले पर जानकारी देते हुए वाईएसआरसीपी के विधायक उमाशंकर गणेश ने कहा कि टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू के इशारे पर ही डॉक्टर ने कपड़े उतार
कर सड़क पर हंगामा खड़ा कर दिया। राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए चंद्रबाबू नायाडू ने डॉक्टर का परोक्ष रूप से उपयोग किया गया। साथ ही, जाति
के नाम पर राजनीति कर मामले को तूल दिये जाने की कोशश की है। 

आपको बता दें कि डॉ सुधाकर ने वर्ष 2019 के चुनाव में पाइकरावपेट से चुनाव लड़ने का प्रयास किया था। उन्हें टीडीपी की ओर से टिकट नहीं मिला।
हालांकि उन्होंने टीडीपी के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए अपनी नौकरी का इस्तीफा भी सौंपा था। सुधाकर ने चुनाव अधिसूचना जारी होने के दिन इस्तीफा
देकर टिकट के लिए जोर लगाना शुरू कर दिया था। हालांकि उसकी हरकतों को जानते हुए न ही टीडीपी का टिकट दिया गया और न ही उसका इस्तीफा
नामंजूर किया। इसके बाद उसने फिर से नौकरी करनी शुरू कर दी। इससे साफ जाहिर होता है कि उसका टीडीपी से कनेक्शन है और वह जो कुछ भी कर
रहे है टीडीपी की कठपुतली बनकर कर रहा है।
 

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