Tiktok की वीडियो डिलीट से जुड़ी नई पॉलिसी, यूर्जस को मिलेगा ये फायदा

tiktok will give reason to users for removing videos  - Sakshi Samachar

भारत में बैन किया गया टिकटॉक

नए नाम से अमेरिका में बने रहने की कोशिश

नई दिल्ली : शॉर्ट वीडियो ऐप टिक टॉक ने एक घोषणा की है।  इसके जरिए बैन का सामना कर चुकी कंपनी यूजर्स के बीच फिर से अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है। कंपनी की ओर से बताया गया है कि अब वो अपने यूजर्स को उनके वीडियो को प्लेटफॉर्म से हटाने का कारण भी बताएगा।

यूजर्स कर सकता है अपील 

प्रभावित यूजर्स के पास हटाए गए कंटेंट के लिए अपील करने का विकल्प होगा। टिक टॉक ने गुरुवार को जारी अपने बयान में कहा, "हम वीडियो बनाने वाले को बताएंगे कि किस नीति का उल्लंघन किया गया था, जिससे वीडियो को हटाया गया और साथ ही वीडियो निर्माता को अपील करने की क्षमता दी जाएगी।"

कंटेंट हटाने को लेकर क्लियरिटी

भारत में बैन हो चुकी और अमेरिका में अस्थिरता का सामना कर रही कंपनी ने कहा कि वो पिछले कुछ महीनों से इससे जुड़े एक नए नोटिफिकेशन अधिसूचना प्रणाली के साथ प्रयोग कर रहे हैं, ताकि क्रिएटर्स कंटेंट हटाने को लेकर ज्यादा क्लियर हो सकें।

चीन की कंपनी बाइटडांस के अंतर्गत आने वाली टिक टॉक ने कहा, हमारे लक्ष्य हमारे मंच पर कंटेंट के बारे में गलतफहमी को कम करने के लिए हमारे कम्यूनिटी गाइडलाइंस के आसपास पारदर्शिता और शिक्षा को बढ़ाने के लिए हैं और परिणाम आशाजनक हैं।

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टिक टॉक ने कहा कि उसने वीडियो हटाने के संबंध में यूजर्स से अनुरोधों में 14 प्रतिशत की कमी देखी है। गौरतलब है कि सितंबर में ओरेकल और वॉलमार्ट ने टिक टॉक को अमेरिकी प्रतिबंध से बचाने के लिए एक साथ आकर एक नई कंपनी बनाई, जिसका नाम है टिकटॉक ग्लोबल है। इसका मुख्यालय अमेरिका में होगा।

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