रिटेल बिजनेस में रिलायंस बनी बेताज बादशाह, फ्यूचर ग्रुप के कारोबार को 24,713 करोड़ रुपए में खरीदा

Reliance Industries Limited Buys Future Group For Rupees 24713 Crore - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : देश के सबसे धनी कारोबारी मुकेश अंबानी के स्वामित्व ईइवाली आरआईएल की सहायक कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) ने शनिवार को फ्यूचर समूह के खुदरा और थोक कारोबार तथा लॉजिस्टिक्स और भंडारण कारोबार के अधिग्रहण की घोषणा की। कंपनी द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की सहायक कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर लिमिटेड (आरआरवीएल) ने आज फ्यूचर समूह के खुदरा और थोक कारोबार तथा लॉजिस्टिक्स और भंडारण कारोबार के एकमुश्त 24,713 करोड़ रुपये के दाम में अधिग्रहण की घोषणा की।'' 

फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशंस का भी अधिग्रहण
आरआरवीएल ने कहा कि इस अधिग्रहण योजना के तहत फ्यूचर समूह अपनी कुछ कंपनियों का विलय फ्यूचर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एफईएल) में कर रहा है। कंपनी ने बताया कि इस योजना के तहत फ्यूचर समूह के खुदार और थोक कारोबार को आरआरवीएल की पूर्णस्वमित्व वाली कंपनी रिलायंस रिटेल एंड फैशन लाइफस्टाइल लिमिटेड (आरआरएफएलएल) को हस्तांतरित किया जाएगा। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स और भंडारण कारोबार आरआरवीएल को हस्तांतरित किया जाएगा। इस सौदे के जरिए रिलायंस रिटेल का अधिग्रहण करेगी, जो बिग बाजार की मालिक है और किराना सामान से लेकर सौदर्य प्रसाधन और परिधान तक सभी तरह के उत्पादों की बिक्री करती है। इसके अलावा फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशंस का अधिग्रहण भी किया जाएगा। हालांकि, फ्यूचर समूह के वित्तीय एवं बीमा कारोबार इस सौदे का हिस्सा नहीं हैं। 

पिछले साल अमेजन ने खरीदी थी फ्यूचर कूपन्स 49 फीसदी की हिस्सेदारी
अंबानी की कंपनी ने फ्यूचर रिटेल और फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशंस में पूरी प्रवर्तक हिस्सेदारी खरीद ली है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि फ्यूचर में अमेजन की हिस्सेदारी का क्या होता है। पिछले साल अगस्त में सिएटल स्थित अमेजन ने फ्यूचर कूपन्स लिमिटेड की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदकर फ्यूचर रिटेल में अप्रत्यक्ष रूप से 1.3 प्रतिशत हिस्सेदारी ली थी। यह साझेदारी इस साल जनवरी में गहरी हुई, जब अमेजन फ्यूचर रिटेल के स्टोर के लिए अधिकृत ऑनलाइन बिक्री चैनल बन गया। रिलायंस को फ्यूचर एंटरप्राइजेज लिमिटेड के अल्पसंख्यक शेयरधारकों से 26 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने के लिए एक खुला प्रस्ताव देना पड़ सकता है। किशोर बियानी की अगुवाई वाले फ्यूचर समूह ने शेयर बाजार को दी जानकारी में इस सौदे की पुष्टि की है।

फ्यूचर रिटेल के 1550 स्टोर
फ्यूचर रिटेल 1,550 स्टोर का संचालन करता है और इसके प्रमुख ब्रांडों में बिग बाजार, एफबीबी, फूडहॉल, ईजीडे, हेरिटेज फ्रेश और डब्ल्यूएचस्मिथ हैं। फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशन 354 स्टोर का संचालन करता है। रिलायंस और फ्यूचर रिटेल के इस सौदे से भारत के रिटेल सेक्टर में जंग तेज होगी। यहां अमेजन ने पहले ही 5.5 अरब अमरीकी डालर के निवेश का वादा किया है, जबकि वॉलमार्ट ने 2018 में 16 अरब अमरीकी डालर में ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट को खरीदा। विज्ञप्ति के मुताबिक आरआरएफएलएल विलय के बाद एफईएल में 6.09 प्रतिशत इक्विटी शेयर के अधिग्रहण के लिए 1,200 करोड़ रुपये निवेश करेगी।

ईशा अंबानी ने कही ये बात
 ये निवेश इक्विटी शेयरों के तरजीही निर्गम के जरिए किया जाएगा। इसके अलावा 400 करोड़ रुपये तरजीही आधार पर जारी शेयर वारंट में लगाए। इन वारंट को शेयर में परिवर्तित करने और इनके बकाया तीन चौथाई मूल्य को चुकाने के बाद आरआरएफएलएल के पास एफईएल की और 7.05 प्रतिशत हिस्सेदारी आ जाएगी। रिलायंस रिलेट वेंचर्स लिमिटेड की निदेशक ईशा अंबानी ने कहा, ‘‘हमें भारत में आधुनिक खुदरा क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले फ्यूचर समूह के प्रसिद्ध प्रारूपों और ब्रांडों के साथ ही उसके व्यावसायिक ईको सिस्टम (परिवेश) को संरक्षित करने की खुशी है। हमें उम्मीद है कि छोटे व्यापारियों और किराना स्टोरों और बड़े उपभोक्ता ब्रांडों के साथ सक्रिय सहयोग से खुदरा कारोबार की वृद्धि जारी रहेगी। हम देश भर में अपने उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'' 

अभी ये मंजूरिया ली जानी बाकी
विज्ञप्ति के मुताबिक इस अधिग्रहण के लिए सेबी, एनसीएलटी, सीसीआई, शेयरधारकों और अन्य मंजूरियां ली जानी हैं। फ्यूचर समूह के कारोबार के अधिग्रहण से रिलायंस रिटेल को खुदरा कारोबार में अपनी उपस्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी। फ्यूचर समूह वस्त्र, सामान्य वस्तुओं और एफएमसीजी जैसे खंड में कारोबार करता है। फ्यूचर समूह के समूह सीईओ किशोर बियानी ने कहा, ‘‘इस पुनर्गठन और लेनदेन के चलते, फ्यूचर समूह कोविड-19 महामारी और वृहद आर्थिक वातावरण के कारण पैदा हुई चुनौतियों का एक समग्र समाधान पा सकेगा। इस सौदे में अपने सभी अंशधारकों के हितों को ध्यान में रखा गया है, जिसमें ऋणदाता, शेयरधारक, लेनदार, आपूर्तिकर्ता और कर्मचारी शामिल हैं।'' 
 

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