अंबानी परिवार में होने जा रहा है एक और बंटवारा, जानिए किस-किस में बंटेगा कितना

Mukesh Ambani is Going to Split His Shares betweem Akash, Anant and Isha Ambani - Sakshi Samachar

नई दिल्ली: धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद साल 2005 में उनके छोटे बेटे अनिल के पास 45 अरब डॉलर और बड़े बेटे मुकेश अंबानी के पास 49 अरब डॉलर की संपत्ति थी। 2006 में अनिल अंबानी की कुल संपत्ति मुकेश से अधिक थी, पर आज स्थिति बिल्कुल उलट हो चुकी है। बहरहाल, आज हम बात कर रहे हैं कि अंबानी परिवार में मुकेश और अनिल के बीच बंटवारे के बाद अब एक और बंटवारा होने जा रहा है।

गौरतलब है कि मुकेश अंबानी और उनके भाई अनिल अंबानी के बीच रिलायंस की विरासत को लेकर काफी लंबे समय तक विवाद चला था। शायद इसी को देखते हुए मुकेश अंबानी ने यह काउंसिल बनाने का निर्णय लिया हो। आने वाले समय में रिलायंस इंडस्ट्रीज की कमान मुकेश अंबानी के बच्चों के हाथ में होगी। जाहिर है इतनी बड़ी संपदा की बाद में हिस्सेदारी को लेकर विवाद भी हो सकता है।

अंबानी बंधुओं के बीच लंबा चला था विवाद

साल 2002 में धीरूभाई अंबानी की मौत के बाद रिलायंस की विरासत को लेकर मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी में कई साल तक विवाद चला था। कई साल की मशक्कत और मां कोकिला बेन की दखल के बाद कंपनी को दो हिस्सों में बांटा गया। मुकेश अंबानी को रिलायंस इंडस्ट्रीज का बिजनेस मिला, जबकि अनिल अंबानी के हिस्से में कम्युनिकेशन, पावर, फाइनेंशियल बिजनेस आया।

हांगकांग की एक वेबसाइट की मानें तो मुकेश अंबानी ने अपनी उत्तराधिकार योजना के बारे में कोई सार्वजनिक घोषणा नहीं की है लेकिन जानकारों का कहना है कि अंबानी ने जिस तरह रीटेल और डिजिटल में कारोबार बढ़ाया है, उससे साफ है कि वह बिजनस की कमान अगली पीढ़ी के हाथों में सौंपने की तैयारी कर रहे हैं।

बच्चों के बीच बंटवारा कर देना चाहते हैं मुकेश अंबानी

रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा चेयरमैन और एशिया के सबसे अमीर शख्स माने जाने वाले मुकेश अंबानी ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपने टेक और रीटेल बिजनेस के लिए 6.5 अरब डॉलर जुटाए। गौरतलब है कि अंबानी तेल कारोबार पर निर्भरता कम करना चाहते हैं और विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार फैलाना चाहते हैं। इसके साथ ही वह अपने बच्चों आकाश, ईशा और अनंत के बीच बिजनस को बांटना चाहते हैं।

बता दें कि रिलायंस का कारोबार अब भी काफी हद कर क्रूड ऑयल रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स पर निर्भर है। लेकिन इसकी रीटेल कंपनी रिलायंस रीटेल रेवेन्यू के हिसाब से देश की सबसे बड़ी कंपनी है। अगर फ्यूचर ग्रुप के साथ इसका सौदा पूरा होता है तो फिर रीटेल में भी रिलायंस का दबदबा कायम हो जाएगा।

फेसबुक और गूगल जैसी दिग्गज टेक कंपनियों ने किया है निवेश

रिलायंस की डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स में फेसबुक और गूगल जैसी दिग्गज टेक कंपनियों ने निवेश किया है। अंबानी के बच्चे अपनी पसंद के हिसाब से पहले ही रिलायंस के कारोबार में अहम भूमिका निभा रहे हैं। अंबानी के जुड़वा बच्चों ईशा और आकाश ने कंपनी के डिजिटल कारोबार में उतरने पर जोर दिया था।

इससे पहले खबर आई थी कि मुकेश अंबानी एक 'फैमिली काउंसिल' यानी पारिवारिक परिषद बनाने जा रहे हैं ताकि उनके कारोबार को अगली पीढ़ी तक आसानी से ट्रांसफर किया जा सके। इस फैमिली काउंसिल में अंबानी के तीनों बच्चे आकाश, ईशा और अनंत के साथ ही परिवार का एक वयस्क सदस्य होगा। हालांकि इस पर रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया था।

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