इसके लिए भी हो जाइए तैयार, जल्द ही आपको एक और झटका दे सकती है मोदी सरकार..!

Modi Government New Planning in Coming Days - Sakshi Samachar

सितंबर महीना में सिलेंडर का दाम

सब्सिडी से करोड़ रुपये बचा सकती है सरकार  

सिर्फ उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर फोकस​

नई दिल्ली : पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। तीन माह में 13 रुपए तक पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ चुके हैं। अब तेल कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की दरें बढ़ाने की तैयारी में हैं। अभी घरेलू सिलेंडर का दाम 598 रुपए है। इस बीच यह खबर भी सामने आ रही है कि एलपीजी सिलेंडरों पर सब्सिडी जल्द ही खत्म हो सकती है। 

दरअसल वैश्विक स्तर पर कीमतों में गिरावट और भारत में रेट बढ़ने के चलते ग्लोबल मार्केट और स्थानीय स्तर पर मूल्यों का अंतर खत्म सा हो गया है। ऐसे में एलपीजी सब्सिडी की जरूरत भी खत्म हो सकती है। आप को बता दें कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों और स्थानीय स्तर पर अंतर की भरपाई सरकार की ओर से सब्सिडी देकर की जाती रही है। 

सितंबर महीना में सिलेंडर का दाम

वहीं, 1 सितंबर को देश में सब्सिडी और गैर-सब्सिडी वाले सिलेंडर का दाम 594 रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष की शुरुआत से ही सब्सिडी और गैर-सब्सिडी वाले सिलेंडरों के रेट में लगातार अंतर कम हो रहा है। जिसके कारण बीते करीब 4 महीनों में सब्सिडी के तौर पर केंद्र सरकार को बेहद कम रकम ही खर्च करनी पड़ी है।

एलपीजी सब्सिडी से 20,000 करोड़ रुपये बचा सकती है सरकार  

यदि यही स्थिति रही तो वित्तीय वर्ष 2021 में केंद्र सरकार एलपीजी सब्सिडी के 20,000 करोड़ रुपये बचा सकती है। कोरोना काल में सरकार पर बढ़ रहे खर्च के दबाव को देखते हुए यह बड़ी मदद हो सकती है। इस साल सरकार ने पेट्रोलियम सब्सिडी के लिए 40,915 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। इसमें से एलपीजी सब्सिडी के लिए 37,256.21 करोड़ रुपये जारी हुए हैं, लेकिन पहली तिमाही में सरकार ने सिर्फ 1,900 करोड़ रुपये ही सब्सिडी के तौर पर खर्च किए हैं। दरअसल एक तरफ वैश्विक बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में गिरावट का दौर जारी है तो दूसरी तरफ भारत में तेल कंपनियों ने सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम भी बढ़ा दिए हैं।

पिछले साल सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर का दाम

बीते साल जुलाई में सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर का दाम 494.35 रुपये था, जो अब बढ़कर 594 रुपये हो गया है। यदि कंपनियों की ओर से यह इजाफा न किया जाता तो एलपीजी सिलेंडर के दाम मौजूदा रेट के मुकाबले करीब 100 रुपये कम होते। 

सिर्फ उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर फोकस

भारत में एलपीजी के कुल 27.76 करोड़ ग्राहक हैं, जिनमें से 1.5 करोड़ ग्राहक सब्सिडी के हकदार नहीं हैं क्योंकि उनकी सालाना टैक्सेबल इनकम 10 लाख रुपये से अधिक की है। इसलिए सरकार अब सिर्फ गरीबों को ही एलपीजी सब्सिडी देने की योजना पर काम कर रही है। कोरोना काल में सरकार की ओर से 8 करोड़ उज्ज्वला लाभार्थियों के खाते में 9,709 करोड़ रुपये की रकम ट्रांसफर की गई है।

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