हिंदी भाषी युवाओं के लिए खुलेंगे Google में काम करने के मौके, 75,000 करोड़ के निवेश का इरादा

google to invest 10 billion dollar in india says Sundar Pichai - Sakshi Samachar

हिंदी को मिल रही वैश्विक मान्यता 

गूगल ने भारत में बड़े निवेश की घोषणा की

हिंदी भाषी युवाओं को मिलेंगे बड़े मौके

नई दिल्ली: दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल भारत में बड़े निवेश की तैयारी में है। सीईओ सुंदर पिचाई ने अगले 5-7 सालों में भारत में 75,000 करोड़ रुपये (करीब 10 अरब डॉलर) के निवेश की बात कही है। इस निवेश का इस्तेमाल हिन्दी, तमिल और पंजाबी सहित क्षेत्रीय भाषाओं के व्यावसायिक प्रसार के लिए किया जाएगा। ताकी भारतीय भाषाओं में ही लोग व्यावसायिक और अन्य तरह की सूचनाओं का आदान प्रदान कर सकें। इसके अलावा भारत के लोगों का खयाल रखते हुए प्रोडक्ट्स एवं सर्विसेज लॉन्च करने की भी गूगल की योजना है। 

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई भारत में निवेश को लेकर काफी उत्साहित हैं। सुंदर पिचाई के मुताबिक कंपनी अपने निवेश के तहत इक्विटी इन्वेस्टमेंट के साथ-साथ इकोसिस्टम इन्वेस्टमेंट के जरिए पार्टनरशिप और ऑपरेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर ध्यान देगी। 

गूगल का मानना है कि भारत में डिजिटल इकोनॉमी का काफी बेहतरत भविष्य है। पिचाई ने निवेश को लेकर अहम जानकारियां भी दी। जिसके प्रमुख बिंदु हैं। 

1. हर भारतीय को उसकी अपनी भाषा में जानकारी उपलब्ध कराना।

2. भारत की अपनी जरूरतों के हिसाब से नए प्रोडक्ट्स एवं सर्विसेज विकसित करना।

3. बिजनेसेज को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के हिसाब से सशक्त बनाना

4. हेल्थकेयर, एजुकेशन और कृषि जैसे क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल

प्रधानमंत्री की पहल पर निवेश का फैसला 

माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर ही गूगल ने भारत में बड़े निवेश की तैयारी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पिचाई ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए आपस में बातचीत भी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गूगल के सीईओ को भरोसा दिलाया है कि भारत दुनिया की सबसे अधिक खुली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। पीएम ने सुंदर पिचाई को कृषि क्षेत्र में हाल में किए गए सुधारों और नई नौकरियों के सृजन को लेकर भी अहम जानकारियां दी है। 

हिंदी भाषा में नौकरी या व्यवसाय के बढ़े मौके

चीनी भाषा के बाद हिंदी ही दुनिया दूसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। अब वो दिन लद गए जब हिंदी को दोयम दर्जा हासिल था। वैश्विक बाजार में हिंदी का महत्व बढ़ने के कारण रोजगार की अपार संभावनाएं खुलने के आसार हैं। केंद्र सरकार के विभिन्न विभाग, राज्य सरकारों (हिंदी भाषी राज्यों) के विभिन्न विभागों में हिंदी भाषा में काम काज को जरूरी कर दिया गया है। गूगल जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनी भी हिंदी और दूसरी भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं के महत्व को स्वीकार करने लगी है। अब बड़े बिजनेस डील के पेपर हिंदी में भी बनने लगेंगे। 

ऑनलाइन हिंदी के प्रसार से नौकरियों की आएगी बाढ़

निजी टीवी और रेडियो चैनलों पर हिंदी के कार्यक्रम खासे लोकप्रिय होते हैं। इसके साथ ही गूगल के हिंदी भाषा में डिजिटल निवेश से नौकरियो की अपार संभानाएं बढ़ेंगी। पत्रकारिता / जनसंचार में डिग्री / डिप्लोमा की योग्यता रखने वाले युवाओं को गूगल अपने साथ काम करने का मौका देगा। इसके अलावा रेडियो / टीवी / सिनेमा जैसी विधाओं में भी रोजगार के अवसर आने दिनों में बढ़ेंगे। 

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी की धाक

जो लोग भारत छोड़कर विदेशों में बसे हैं उनमें हिंदी को लेकर क्रेज है। वो अपने बच्चों को भातीय भाषाओं की शिक्षा बड़े चाव से देते हैं। एक-दूसरे देश के साथ सहयोग एवं विकास की भावना के कारण हिंदी की लोकप्रियता अन्य देशों में बहुत अधिक बढ़ी है। इसका सबसे अच्छा उदाहरण अमेरिका के कुछ स्कूलों ने फ्रेंच, स्पैनिश और जर्मन के साथ एक विदेशी भाषा के रूप में हिंदी को भी शुरू किया गया है। कुल मिलाकर हिंदी को वैश्विक पहचान मिलने के साथ ही रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।
 

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