क्या अमेजन जान बूझकर कर रहा था यह गलती, अब भरना होगा जुर्माना

Amazon fined 25 thousand due to not follow Government rules - Sakshi Samachar

कंट्री ऑफ ओरिजिन संबंधी जानकारी न देने पर लगा जुर्माना

30 सितंबर तक तय की गई थी जानकारी देने की डेडलाइन

लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट और लीगल मीट्रोलॉजी एक्ट के तहत लगा जुर्माना

नई दिल्ली : कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन (Amazon) पर 25 हजार रुपये का जुर्माना (Fine) लगाया है। दरअसल अमेजन ने अपनी ई-कॉमर्स (E-Commerce) वेबसाइट पर कुछ उत्पादों के कंट्री ऑफ ओरिजिन यानी उनका निर्माण कहां हुआ है, इस बात की जानकारी नहीं दी थी, जिसके कारण यह कार्रवाई की गई है। 

बेंगलुरु स्थित अमेजन सेलर सर्विस के साथ-साथ उसके सभी निदेशकों पर लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट, 2009 और लीगल मीट्रोलॉजी (पैकेज कमोडिटीज) रूल्स, 2011 के तहत 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। पिछले महीने कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री ने दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनियों फ्लिपकार्ट और अमेजन को इन जानकारियों को नहीं दिखाने की वजह से नोटिस जारी किया था। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फ्लिपकार्ट के खिलाफ किसी भी नियम के उल्लंघन का मामला सामने आया है।

दिखानी होती हैं ये जानकारियां
कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री के अनुसार ऑफलाइन या ऑनलाइन बिक रहे प्रोडक्ट संबंधित जानकारियां जैसे अधिकतम खुदरा भाव (MRP), डेट ऑफ एक्सपायरी, नेट क्वांटिटी, कंज्यूमर केयर डिटेल्स और कंट्री ऑफ ओरिजिन दिखाना अनिवार्य होता है। मिनिस्ट्री के मुताबिक अगर नोटिस ऑर्डर मिलने के सात दिनों के भीतर कंपनियां संतोषजनक जवाब नहीं देती है तो उनके खिलाफ बिना किसी नोटिस के कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है।

सरकार ने जारी किए निर्देश
जुलाई में उपभोक्ता मामलों के मंत्रालयों ने सभी राज्य सरकारों को एक निर्देश दिया था, जिसमें कहा गया था कि कंपनियों और ई-कॉमर्स प्लेयर्स के लिए सभी उत्पादों पर ‘कंट्री ऑफ ओरिजिन’ दिखाने के प्रावधान को सख्ती से लागू कराया जाए। यह प्रावधान दो साल पहले जनवरी 2018 से सभी मैनुफैक्चरर्स, इंपोर्टर्स, पैकर्स और ई-कॉमर्स प्लेयर्स के लिए लागू किया गया था।

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30 सितंबर तक थी डेडलाइन
डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटर्नल ट्रेड (डीपीआईआईटी) ने अगस्त में सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मौजूद सभी प्रॉडक्ट के लिए ‘कंट्री ऑफ ओरिजिन’ की जानकारी 30 सितंबर तक साझा करने के लिए कहा गया था। हालांकि उस समय ई-कॉमर्स कंपनियों का मानना था कि 30 सितंबर की डेडलाइन संभव नहीं है और नए प्रॉडक्ट्स के लिए यह जानकारी इस समय तक उपलब्ध कराई जा सकती है लेकिन पुराने उत्पादों के लिए और भी समय लग सकता है।

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