आंध्र प्रदेश की राजनीति में आज रचा गया था इतिहास, जगन मोहन ने खत्म किया चंद्रबाबू का 'कुशासन'

YSRCP Historical Victory on 23 May 2019  - Sakshi Samachar

चंद्रबाबू के कुशासन को जनता ने दिया था जवाब

23 मई 2019 आंध्र प्रदेश के राजनीतिक इतिहास का सबसे बड़ा दिन

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने रिकॉर्ड सीट से राज्य में बनाई थी सरकार

आंध्र प्रदेश की राजनीति में 23 मई 2019 का दिन इतिहास में दर्ज है। पिछले साल आज ही के दिन चंद्रबाबू नायडू के कुशासन से प्रदेश की जनता को मुक्ति मिली थी। वाईएस जगन मोहन रेड्डी को अभूतपूर्व समर्थन देते हुए लोगों ने सत्ता के शिखर पर बैठाया था। चंद्रबाबू नायडू की नीतियों से लोगों में इस कदर नाराजगी थी कि जनता ने वाईएसआर कांग्रेस को दिल खोलकर आशीर्वाद दिया।

राज्य में पिछले साल लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ हुए थे। आंध्र प्रदेश में लोकसभा की 25 सीटें हैं, जबकि विधानसभा की 175 सीटें हैं। चुनाव से पहले या कहें कि परिणाम आने वाले दिन तक शायद राजनीति के बड़े-बड़े पंडितों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की इतनी बड़ी जीत होगी।

चंद्रबाबू के 'कुशासन' का अंत
पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के शासन से जनता इस कदर त्रस्त थी कि लोगों ने उन्हें इतनी बुरी तरीके से सत्ता से बेदखल किया। चंद्रबाबू के शासनकाल में जिस तरह से प्रदेश में घोटाले पर घोटाले, बढ़ते अपराध और टीडीपी नेताओं की गुंडागर्दी देखने को मिली, वह बेहद शर्मनाक रही।

राजधानी के नाम पर जमीन अधिग्रहण में धोखाधड़ी, पोलावरम प्रोजेक्ट में गड़बड़ी जैसे बड़े घोटाले सामने आने के बाद चंद्रबाबू पूरी तरह से जनता के सामने 'बेनकाब' हो गए। चंद्रबाबू के कारनामों का जवाब लोगों ने अब ईवीएम से देने का फैसला किया।

जगन मोहन पर जनता ने जताया भरोसा
चंद्रबाबू नायडू की नीतियों से परेशान लोगों को अब जगन मोहन रेड्डी में उम्मीद नजर आने लगी थी। पदयात्रा के दौरान जगन मोहन की रैलियों में उमड़ी भीड़ ने इस बात को और बल दे दिया था कि राज्य में इतिहास रचने जा रहा है। 

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वाईएसआर कांग्रेस की छवि और जगन मोहन के वादों पर जनता ने विश्वास जताया और रिकॉर्ड मतों से विजयी बनाया। विधानसभा की 175 सीटों में से वाईएसआर कांग्रेस पार्टी को 151 सीटें मिली। पृथक आंध्र प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी पार्टी ने इतनी बड़ी जीत दर्ज की थी। लोकसभा की 25 सीटों में 22 पर विजय मिली थी। 

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