सुप्रीम कोर्ट ने AP से हटाई चुनावी आचार संहिता, जारी रहेंगे विकास कार्यक्रम

 Supreme Court Hear Plea Over Local Bodies Election of Andhra Pradesh - Sakshi Samachar

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निर्वाचन अधिकारियों आंध्र प्रदेश सरकार से स्थानीय निकायों के चुनाव के बारे में चर्चा करनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी आचार संहिता को हटा दिया है।

नई दिल्ली/अमरावती : सुप्रीम कोर्ट में स्थानीय निकाय के चुनावों को लेकर आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा दायर याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बोबडे के नेतृत्व वाली खंडपीठ ने स्थानीय निकाय के चुनावों को लेकर सुनवाई की है। 
इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निर्वाचन अधिकारियों आंध्र प्रदेश सरकार से स्थानीय निकायों के चुनाव के बारे में चर्चा करनी चाहिए। साथ ही प्रदेश में जारी चुनावी आचार संहिता को सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया है। इसके चलते सरकारी विकास कार्यक्रमों को लागू करने में जो अड़चने आ रही थी, अब यह कार्यक्रमों को लागू करने में आसानी हो गई है।  
आपको बता दें कि आंध्र प्रदेश सरकार ने दायर याचिका में कहा था कि कोरोना वायरस का प्रभाव आंध्र प्रदेश में नहीं के बराबर है। साथ ही कोरोना वायरस से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किये गये है। ऐसे हालत में स्थानीय निकायों के चुनावों को स्थगित करना अन्याय है। इस बात को ध्यान में रखते हुए स्थानीय निकायों के चुनाव कराने के लिए निर्वाचन अधिकारी को आदेश देने का आग्रह किया है। 
आपको बता दें कि प्रदेश के निर्वाचन अधिकारी ने कोरोना वायरस फैलने की आशंका व्यक्त करते हुए स्थानीय निकाय के चुनाव स्थगित किया है।
दूसरी ओर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि कोरोना वायरस और चुनाव के बीच क्या संबंध है? आंध्र प्रदेश के राज्य चुनाव आयुक्त रमेश ने संस्थागत निकाय चुनाव स्थगित करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय पर सीएम जगन ने सवाल किया। उन्होंने कहा कि चुनाव स्थगित करने से पहले आयुक्त ने किससे संपर्क किया है या किसे जानकारी दी है। इस चुनाव में वाईएसआरपीसी के भारी मतों से चुनाव जीतने की संभावना से यह कदम उठाया गया है।
सीएम जगन ने कहा कि आंध्र प्रदेश में 31 मार्च के भीतर चुनाव नहीं होते हैं तो केंद्र से मिलनेवाली राशि प्राप्त नहीं होगी। चुनाव आयुक्त के निर्णय से नाराज होकर सीएम जगन ने राज्यपाल से शिकायत की है। स्थानीय निकाय चुनाव स्थगित होने पर मुख्यमंत्री ने असहमति व्यक्त की। रविवार को सीएम जगन ने कैम्प कार्यालय में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने ऐसा कभी नहीं सोचा था कि इस स्थिति में उन्हें संवाददाता सम्मेलन आयोजित करना पड सकता है।
मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि कोरोना वायरस की रोकथाम को लेकर आंध्र प्रदेश सरकार आवश्यक सभी कार्रवाई कर रही है। इस बीच कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव के चलते संस्थागत स्थानीय चुनाव स्थगित किये गये। इस निर्णय को लेकर सीएम जगन नाराज हुये। उन्होंने कहा कि टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू व्यवस्था को परोक्ष रूप से प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि चंद्रबाबू के कार्यकाल में उनके सामाजिक वर्ग के रमेश कुमार को राज्य चुनाव आयुक्त के पद पर नियुक्त किया है। रमेश कुमार के बयान से सीएम जगन की मनोभावनाओं को ठेस लगी है। निष्पक्ष रहनेवाले चुनाव आयुक्त ने पक्षपाती धोरण अपनाया है। अधिकारी का जातपात, मत, संप्रदाय, क्षेत्र, राजनीतिक दल से उपर उठकर कार्य करने पर सम्मान बढ़ता है।

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