सीएम जगन ने किया रैतु भरोसा केन्द्रों का शुभारंभ, अब किसानों को मिलेंगी कृषि संबंधित सभी सुविधाएं

CM YS Jagan Inaugurated YSR Rythu Bharosa Center at Camp Office - Sakshi Samachar

आंध्र प्रदेश में किसानों के लिए रैतु भरोसा केंद्र शुरू

आरबीके में मिलेगी किसानों को हर प्रकार की जानकारी 

अमरावती : मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने  वाईएसआर रैतु भरोसा केंद्रों (आरबीके) का शुभारंभ किया। सीएम जगन ने ताडेपल्ली कैंप कार्यालय में वीडियो कांफ्रेंस के जरिए शनिवार को प्रदेश में 10, 641 आरबीके का उद्घाटन किया। 

रैतु भरोसा केंद्रों में आधुनिक डिजिटल कियोस्क स्थापित किये गये हैं। इन कियोस्क के जरिए किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक, पशुओं को चारा, एक्वाफीड और मार्केटिंग सेवाएं उपलब्ध होंगी। देश के इतिहास में पहली बार प्रदेश में आरबीके को स्थापित किया गया है। इन केंद्रों का लक्ष्य किसानों को कृषि और संबंधित क्षेत्रों की सभी चीजें और सेवाएं गांवों में उपलब्ध किया जाना है। 

एग्रोस केंद्र

यह डिजिटल कियोस्क एक आधुनिक एटीएम जैसा है। इसमें टच स्क्रीन, फ्रंट कमैरा, आधार कार्ड से अनुसंधान किया गया फिंगर फ्रिंट स्कैनर, मैक्रोफोन और स्पीकर होंगे। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए थर्मल प्रिंटर, ऑक्सलरी ऑडियो इनपुट, यूएसबी चार्जिंग स्लाट, ए-4 कलर प्रिंटर, ई-पास मशीन, आरएफआईडी कार्ड रीडर को स्थापित किया जाएगा। हर जिले में 65 एग्रोस केंद्र स्थापित किये जाएंगे। हर एक हब में उस क्षेत्र के गांव के किसानों की जानकारी अनुसंधान किया जाएगा।   

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डिजिटल कियोस्क

रैतु भरोसा केंद्रों में स्थापित डिजिटल कियोस्क के सामने किसान को खड़े होकर स्क्रीन को उंगली से टच करना होगा। इसके बाद फोन नंबर एंटर करके लॉगइन होना होता है। लॉगइन के बाद किसानों को अनेक प्रकार के बीज, खाद, कीटनाशक दवा, पशुओं का चारा जैसे फोटो (चित्र) और उसके दाम स्क्रीन पर दिखाई देंगे।

ऑर्डर

किसानों को जो चीजे चाहिए उनका चयन करके दामों के साथ एंटर करना होगा। सब कुछ होने के बाद क्लिक करना होगा। इसके बादर ऑर्डर तैयार हो जाता है। यह ऑर्डर तुरंत नजदीकी एग्रो केंद्र (हब) के पास चला जाएगा। कियोस्क से ऑर्डर जाने के 48 से 72 घंटे के बीच किसानों को सभी चीजे मिल जाएंगे। बीजों को एपी सीड्स संस्था और अन्य चीजों को एग्रोस सेंटर आपूर्ति करेंगे।  

आरबीके 

इसके अलावा इन केंद्रों में किसानों को फसल में वृद्धि, कृषि खर्च में कमी, खेतों में उपयोग में आने वाले मुख्य उपकरण, कृषि के बारे में सुझाव और अन्य जानकारी दी जाएगी। एक बात में कहा जाये तो आरबीके जरिए कृषि संबंधित सभी विषय की जानकारी किसानों को मिलेगी।  

किसानों का एटीएम

आरबीके हब (गोदाम) और एंड स्पोक (रैतु भरोसा केंद्र) की तर्ज पर काम करेंगे। हर जिले में 5 हब, हर ग्राम सचिवालय में एक स्पोक (आरबीके) रहेंगे। प्रदेश में 10,641 आरबीके स्थापित होंगे। यह कियोस्क एक प्रकार से किसानों के लिए एटीएम जैसा साबित होगा।

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