चंद्रबाबू ने कौड़ी के दाम बेची थी TTD की जमीन : चेवी रेड्डी भास्कर

Chevireddy Bhaskar Reddy blames that chandrababu naidu sold ttd lands at low cost - Sakshi Samachar

चंद्रबाबू ने टीटीडी की भूमि का राजनीतिक लाभ उठाया था

भूमि बेचने के लिए टीटीडी का विशेष एक्ट है

अमरावती : टीटीडी की भूमि को लेकर आंध्र प्रदेश में राजनीति हो रही है। आंध्र प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष टीटीडी की भूमि पर बखेड़ा खड़ा करना चाहते हैं। टीडीपी ने टीटीडी की भूमि का उपयोग अपने कार्यकाल में राजनीतिक लाभ के लिए किया था। नारा चंद्रबाबू नायडू अपने मुख्यमंत्री के समय टीटीडी के लगभग 100  क्षेत्रों को बेच डाला था। टीटीडी की 6 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति की चंद्रबाबू के  कार्यकाल में निलामी की गई थी। 

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के विधायक चेवी रेड्डी भास्कर ने स्पष्ट किया कि टीटीडी के लिए विशेष एक्ट है। वर्ष 1990 में ही देवस्थान की भूमि की बिक्री करने के साथ लीज पर देने का अधिकार टीटीडी को दिया गया। चंद्रबाबू नायडू के कार्यकाल में टीटीडी के तत्कालीन चेयरमैन चदवाड़ा कृष्णमूर्ति की अध्यक्षता में निर्णय लिया गया था। उस समय पालक मंडली (प्रशासनिक बोर्ड) में भाजपा के नेता भानुप्रकाश रेड्डी मुख्य सदस्य, इनाडु संस्था के मुखिया रामोजी राव की रिश्तेदार सुचरिता भी मंडली की सदस्य थीं। मंडली में टीडीपी के विधायक भी उस समय कमेटी के सदस्य थे। उन सभी की मंजूरी के बाद ही संपत्ति की निलामी हुई। 

बेकार की जमीन बेचने के लिए समिति बनाई गई थी

विधायक चेवी रेड्डी ने कहा कि वर्ष 2015 के जुलाई में टीटीडी की बेकार की जमीन की पहचान करने के लिए समिति बनाई गई थी। वर्ष 2016 के जनवरी में समिति के प्रस्ताव पर तत्कालीन टीटीडी बोर्ड ने जमीन की बिक्री के लिए अनुमति दी थी। हजारों करोड़ रुपयों की सदावर्त भूमि की बिक्री केवल 50 करोड़ रुपये बेचने का चंद्रबाबू ने ही प्रयास किया था। चंद्रबाबू नायडू ने ही  मानस ट्रस्ट की भूमि निजी व्यक्तियों के हवाले कर दी थी। 

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वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के विधायक ने कहा कि टीटीडी की संपत्ति बेची जाती है तो टीटीडी कॉर्पस फंड में ही राशि जमा होगी, सरकार के खजाने में नहीं। भगवान की आड में राजनीति करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि सीएम जगन के नेतृत्व में बनी सरकार टीटीडी की संपत्ति बढ़ाने का प्रयास कर रही है। 

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