चंद्रबाबू राजधानी अमरावती को लेकर नहीं, अपनी बेनामी जमीनों को लेकर चिंतित हैं : बोत्सा

Chandrababu Worried about his benami Lands not for capital Amaravati : Botsa - Sakshi Samachar

ताड़ेपल्ली : आंध्र प्रदेश के नागरिक प्रशासन मंत्री बोत्सा सत्यनारायण ने कहा कि राज्य की जनता भलीभांति जानती हैं कि राजधानी अमरावती के नाम पर चंद्रबाबू सहित टीडीपी के नेता कितना लूट चुके हैं। उन्होंने कहा कि पांच साल के शासनकाल में बाबू कम से कम कृष्णा नदी के तट पर सड़क तक नहीं बिछा पाए। 

उन्होंने कहा कि राजधानी की नींव रखने के बाद अमरावती में किसी तरह का विकास नहीं हुआ है और राजधानी के नाम पर कितना कर्ज किया है और कितना डकार चुके हैं ये भी लोग जानते हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू सिर्फ अपनी बेनामी जमीनों की कीमतों को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि राजधानी के निर्माण में 1.50 लाख करोड़ की लागत का अनुमान लगाकर केवल पांच हजार करोड़ ही खर्च किए हैं।

गुरुवार को वाईएसआरसीपी केंद्रीय कार्यालय में मंत्री बोत्सा सत्यनारायण ने मीडिया को बताया कि चंद्रबाबू कह रहे हैं कि वाईएसआरसीपी के लिए ये आखिरी मौका है, लेकिन उन्होंने इसकी वजह नहीं बताई है। इस राज्य के सभी वर्ग और सभी क्षेत्र चाहते हैं कि राज्य में जगन की सरकार ही रहें। 

अमरावती के लिए संघर्ष केवल टीडीपी समर्थक मीडिया में चला है, इसमें कम्युनिस्ट कब शामिल हुए, इसका पता नहीं चल रहा है। उन्होंने  गरीबों को मकान के पट्टे नहीं देने की चंद्रबाबू की मांग का समर्थन करने वाले कम्युनिस्ट उनसे ये नहीं पूछ पा रहे हैं कि आखिर मकान के पट्टों का विरोध क्यों किया जारहा है। उन्होंने कहा कि टीडीपी के लोगों ने अमरावती के नाम का इस्तेमाल किया है नाकि अमरावती शहर और मंदिर का विकास किया है।

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बोत्सा ने कहा कि टीडीपी के पांच साल के शासनकाल में चंद्रबाबू ने क्या किया है बताना चाहिए। पांच सालों में हैदराबाद में स्थित अपने मकान का निर्माण पूरा कर लिया है।  उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू में सहनशक्ति खत्म हो चुकी है और उम्र भी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि वाईएस जगन ने करीब 23 स्थाई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं।

मंत्री ने कहा कि किसी भी घोटाले में जांच की मांग करने पर टीडीपी प्रमुख अदालत से स्टे ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर बाबू ने कोई गलत काम नहीं किया है तो उन्हें किसी भी जांच से नहीं डरना चाहिए। चंद्रबाबू और उनके बेटे ने अमरावती के नाम पर पूरा लूट लिया है। उन्होंने कहा कि जगन की सरकार किसी वर्ग विशेष के लिए काम नहीं करती। अमरावती राज्य का एक हिस्सा है। ताड़ेपल्ली, मंगलगिरी को मिलाकर एक कार्पोरेशन का गठन किया जाएगा। राजधानी के 29 गांवों का विकास करेंगे।

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