विशाखा में मेट्रो क्षेत्रीय कार्यालय का शुभारंभ, स्टील प्लांट से भोगापुरम तक होगा कॉरिडोर

Visakhapatnam Metro Regional Office Inaugurated by Botsa and Avanti Srinivas - Sakshi Samachar

विशाखापट्टणम : आंध्र प्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन के क्षेत्रीय कामकाज रविवार को गुरुवार से शुरू हो  गए। नगर के एलआईसी भवन की तीसरी मंजिल पर इस क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन मंत्री बोत्सा सत्यनारायण और अवंति श्रीनिवास ने किया। इसमौके पर मंत्रियों ने कार्यालय में विशेष पूजा की।

एपी मेट्रो रेल कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक रामकृष्णा रेड्डी के मुताबिक विशाखापट्टणम में 79.91 किलो मीटर लंबी लाइट मेट्रो कॉरिडोर, 60.29 किलो मेटर मॉड्रन ट्रॉम कारिडोर के निर्माण की तैयारी की जा रही है। अधिकारी यहीं से इस प्रोजेक्ट को शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। अगले दो महीने में मेट्रो प्रोजेक्ट्स का डीपीआ तैयार होने वाला है। डीपीआर पर कंसल्टेंट्स के साथ चर्चा करने के उद्देश से विशाखापट्टणम में क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किया गया है।

स्टील प्लांट से भोगापुरम तक मेट्रो
मंत्री बोत्सा सत्यनारायण ने कहा कि पहले गाजुवाका से कोम्मदी तक मेट्रो सेवा शुरू करने का प्रावधान था, लेकिन मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसकी दूरी बढ़ाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री के आदेशानुसार अब मेट्रो रेल लाइन स्टील प्लांट से भोगापुरम हवाई अड्डे तक बढ़ाते हुए डीपीआर तैयार किया जा रहा है। यूएमटीसी (UMTC) कंपनी से मेट्रो का डीपीआर तैयार करने को कहा गया है और नवंबर के पहले सप्ताह में डीपीआर दिया जाएगा।
डीपीआर तैयार होने के बाद मुख्यमंत्री की मंजूरी से टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। विशाखा मेट्रो को केंद्रीय सहायता की जरूरत होगी और विशाखा को देश के बड़े शहर के रूप में विकसित करना ही सरकार का लक्ष्य है।

विशाखापट्टणम के इतिहास में यादगार दिन...

मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की सोच और विजन के साथ विशाखा के लिए मेट्रो आवंटित किया गया है। विशाखा में मेट्रो ट्रेन सेवा शुरू होने से उत्तरांध की रूपरेखा बदल जाएगी। पिछली सरकार ने उत्तरांध्र की अनदेखी की है और अब विपक्ष हर मुद्दे का राजनीतिकरण की कोशिश कर रहा है।

ट्रैफिक बढ़ने के साथ बढ़ाई जाएगी कोच की संख्या
एपी मेट्रो रेल कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक रामकृष्णा रेड्डी ने कहा कि लाइट मेट्रो से अनेक फायदे हैं। जैसे-जैसे शहर में ट्रैफिक बढ़ती जाएगी वैसे-वैसे ट्रेन के डिब्बों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। लाइट मेट्रो के निर्माण में प्रति किलो मीटर 200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कार्यक्रम में सांसद एमवीवी सत्यनारायण, विधायक अदीप राज, जीवीएमसी आयुक्त सृजना ने हिस्सा लिया। अधिकारियों ने मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का प्रजंटेशन दिया।

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