चंद्रबाबूू नायडू पर बरसे विजयसाईं रेड्डी, पूछा- आपके पेट में दर्द क्यों हो रहा ?

V Vijay Sai Reddy Slams Chandra Babu Naidu Politics Even Makar Sakranti Festival - Sakshi Samachar

अमरावती :  वाईआरसीपी (YSRCP) के नेता  वी विजयसांई रेड्डी ( V Vijay Sai Reddy) ने चंद्रबाबू नायडू (Nara Chandra Babu Naidu) के बयान पर जमकर पलटवार किया है। सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर नायडू के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विजय साईं रेड्डी ने कहा है कि चुनाव में जबरदस्त हार के बावजूद उन्होंने अपना रवैया नहीं बदला है। चुनाव में जबरदस्त हारने के बावजूद नायडू को सीख नहीं मिली। उन्होंने सरकार के आदेश की प्रतियों को जलाकर नया नाटक शुरू कर दिया है। अब उन्होंने त्योहारों पर भी राजनीति करनी शुरू कर दी है। 

नायडू से सवाल पूछते हुए रेड्डी ने पूछा कि कितनी बार बदलते हो बाबू ?लोगों को पता है कि हार की वजह से मंदिरों को नष्ट कराया जा रहा है।   चंद्रबाबू नायडू और तेदेपा नेताओं पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए विजयसाई रेड्डी ने कहा कि बाबू चाहते हैं कि किसान का भला ना हो। बाबू अपनी जेब भरने के लिए चित्तूर ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में हेरिटेज डेयरी स्थापित कर दुग्ध किसानों की रोजीरोटी छीनी थी, लेकिन अब हेरिटेज के बंद हो जाने से किसानों को पर्याप्त लाभ मिल रहा है और वे खुश हैं। विजयसाईं रेड्डी ने नायडू से पूछा कि अगर किसानों की आय में इजाफा हो रहा है तो आपको पेट में दर्द क्यों होता है?

क्या है मामला ?
चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को आंध्र प्रदेश सरकार के आदेशों की कुछ प्रतियां 'भोगी' अलाव में जला दीं। बताया गया कि टीडीपी के मुखिया चंद्रबाबू ने कृष्णा जिले के परिटाला में 'भोगी' कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी सरकार के कल्याण और विकास के आदेशों की प्रतियां जलाई। आंध्र प्रदेश में मकर संक्रांति पर 'पेद्दा पंडुगा' अंतर्गत पहले दिन मनाये जा रहे 'भोगी' (भोगी मंटा) में पुरानी और बेकार की चीजें व लकड़ियां जलाने की प्रथा है। 

बता दें कि प्रदेश में चक्रवात, भारी बारिश और बाढ के चलते लोगों और किसानों का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। सीएम जगन के नेतृत्व में बनी सरकार ने लोगों और किसानों की योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता की। इससे जुड़े आदेश जारी किये। इसके बावजूद प्रतिपक्ष संक्रांति पर्व को भी राजनीतिक रंग दे रहे हैं। 

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