आइसोलेशन वार्ड में जाने से इनकार पर 200 से अधिक लोगों को भी भेजा जा रहा वापस

 Hundreds Stranded at Andhra PradeshTelangana probe posts - Sakshi Samachar

फंसे लोगों में गर्भवती महिलाओं व बच्चे भी शामिल

हैदराबाद से आए 44 लोग नुजीविडु होम क्वारंटाइन में

अमरावती : कोरोना वायरस के कारण देशव्यापी लॉकडाउन (बंद) के बीच आंध्र प्रदेश-तेलंगाना सीमाओं पर विभिन्न जांच चौकियों पर बुधवार रात से सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं क्योंकि अधिकारियों ने उन्हें राज्य में प्रवेश देने से इनकार कर दिया है। गर्भवती महिलाओं और बच्चों समेत मुसीबत में फंसे लोगों की बार-बार अपील के बाद आंध्र प्रदेश के अधिकारी आखिरकार उन्हें इस शर्त पर प्रवेश की अनुमति देने पर राजी तो हो गए उन्हें वहां से सीधे पृथक केंद्र ले जाया जाएगा। जिन लोगों ने सरकार के दिशा-निर्देशों को स्वीकार कर लिया उन्हें आंध्र प्रदेश में आने दिया गया जबकि बाकी लोग सीमा चौकियों पर फंसे रहे।

हैदराबाद में छात्रावास और पेइंग गेस्ट सुविधाओं के फिर से खुलने की खबर आने के बाद ज्यादातर छात्र वापस चले गए। आंध्र प्रदेश सरकार ने गुरुवार  सुबह एक विज्ञप्ति में कहा कि हैदराबाद से पहुंचे 44 लोगों को नुजीविडु में एक पृथक केंद्र ले जाया गया है। विज्ञप्ति के अनुसार, कुछ अन्य लोग हैदराबाद लौट गए, जबकि पृथक केंद्र में जाने से इनकार करने वाले 200 से अधिक लोगों को भी वापस भेजा जा रहा है। 

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विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है, ‘‘सिर्फ उन लोगों को राज्य में आने की अनुमति दी जा रही है जिनके पास वैध चिकित्सा कारण हैं। बाकी को किसी भी परिस्थिति में आने की अनुमति नहीं दी जा रही है।'' इस बीच, तेलुगु फिल्म अभिनेता और जन सेना पार्टी के अध्यक्ष पवन कल्याण ने कोविड-19 राहत कार्य के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष में एक करोड़ रुपये दान देने की गुरुवार को घोषणा की। पार्टी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि उन्होंने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के मुख्यमंत्री राहत कोष में भी 50-50 लाख रुपये देने की घोषणा की है। जन सेना आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी है। 
 

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