वाईएस राजशेखर रेड्डी के सपनों को साकार कर रहे हैं वाईएस जगन मोहन रेड्डी

Dr. What are the differences between YSR and Jagan Mohan Reddy and what are the similarities ..! - Sakshi Samachar

डॉ वाईएस राजशेखर रेड्डी की योजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं सीएम जगन 

पिता की तरह ही लोक-कल्याण के काम में दिन-रात लगे हैं सीएम जगन 

हैदराबाद :  डॉ वाईएस राजशेखर रेड्डी का नाम लेते ही उनकी जो छवि नजरों के सामने आती है वह ऐसे जननेता की है जो जनता के ह्रदय में अपने लिए खास जगह बना लेता है। जो जनता को करीब से देखता व उनकी समस्याओं को समझता है, उन्हें सुलझाने के लिए नीतियां बनाता है।

ऐसे नेता को जनता उनके जाने के बाद भी भुला नहीं पाती। जी हां, ऐसे ही महान नेता थे वाईएस राजशेखर रेड्डी। वे आंध्र प्रदेश के गठन के बाद से लेकर अब तक के लोकप्रिय मुख्यमंत्री व नेता के रूप में याद किये जाते हैं।

वाईएस राजशेखर रेड्डी 2004 से 2009 तक संयुक्त आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री थे और वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के सदस्य थे। उनके रहते कांग्रेस आंध्र प्रदेश में काफी मजबूत थी पर उनके जाने के बाद से ही कांग्रेस की हालत खराब हो गई। अब तक इसे उन जैसा कोई मजबूत नेता नहीं मिला, तभी तो इसके हाथ से शासन की बागडोर भी निकल गई।

वाईएसआर की कल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं को आज भी लोग याद करते हैं। वाईएसआर ने अनेक लोगों को जीने की राह दिखाई। दिवंगत मुख्यमंत्री ने हमेशा गरीबों के कल्याण के बारे में सोचा और कई लाभकारी योजनाएं शुरू भी की। 

पर उनके असमय निधन से कई योजनाएं रुक गई थी और उनके कई सपने भी अधूरे रह गए जिन्हें अब उनके पुत्र वाईएस जगन मुख्यमंत्री वाईएस जगन पूरा कर रहे हैं। 

वाईएस जगन कर रहे पिता के सपने पूरे .....

- डॉ वाईएस राजशेखर रेड्डी ने अपनी दूरदर्शी सोच के चलते बुजुर्गों की पेंशन के बारे में सोचा था। इसके अलावा गरीब व कमजोर तबकों की तकलीफ को महसूस किया। निवारण के लिए स्वास्थ्य संबंधी अनेक योजनाएं शुरू की। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है 'आरोग्यश्री' योजना।

सीएम जगन के शासन में भी इस योजना का लाभ गरीब जनता आज भी उठा रही है और सीएम जगन को दुआ देने के साथ ही वाईएसआर को भी याद कर रही है। 
 

-वाईएसआर ने इंदिरम्मा आवास योजना के जरिए लाखों बेघर लोगों के लिए एक निवास स्थान देकर गरिमापूर्ण जीवन जीने का अवसर दिया। इतना ही नहीं, 2 रुपये प्रति किलो चावल देने के पीछे लक्ष्य यह था कि कोई भी गरीब भूखा न रहे और किसी की मौत भूख की वजह से न हो।

वहीं सीएम जगन भी गरीबों को मकान के पट्टे देने वाले हैं जिससे कि गरीब लोग सम्मान के साथ रह सकें। वहीं देखा जाए तो इस तरह भी वे अपने पिता के काम को आगे ही बढ़ा रहे हैं। 

- वाईएसआर चाहते थे कि किसानों के साथ न्याय हो तभी तो उन्होंने मुख्यमंत्री पद संभालते ही सबसे पहले किसानों को मुफ्त बिजली वाली फाइल पर हस्ताक्षर किए थे वहीं सीएम जगन ने भी किसानों के लिए रैतु भरोसा योजना की शुरुआत की और हाल ही में रैतु भरोसा केंद्र भी हर गांव में स्थापित किए जिनका नामकरण वाईएसआर के नाम पर किया गया। इन रैतु भरोसा केंद्रों में किसानों की हर सुविधा का ख्याल रखा जाएगा और एक ही छत के नीचे उनकी सारी समस्याएं सुलझ जाएगी। एक तरह से ये किसानों का एटीएम ही होगा।

-वाईएसआर चाहते थे कि गरीबी में जीने वाले हर परिवारों के बच्चे भी उच्च शिक्षा हासिल करें। वाईएसआर ने फीस रिअंबर्समेंट के जरिए लाखों छात्रों को उच्च शिक्षा हासिल करने का सुनहरा मौका मिला और वो इसमें सफल भी हुए। इस योजना के कारण वाईएसआर काफी लोकप्रिय नेता बन गए। 

वहीं सीएम जगन ने भी शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं जिनमें अम्मा ओड़ी के तहत बच्चों को स्कूल भेजने वाली मां के बैंक खाते में पैसे जमा होंगे, नाडु - नेडु योजना के साथ ही जगनन्ना वसति दिवेना के तहत फीस रीएंबर्समेंट, सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई जैसी कई योजनाएं शुरू करके उन्होंने पिता के सपने को पूरा कर रहे हैं। 

-डॉ वाईएसआर ने अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति और बीसी समेत समाज के तमाम पिछड़े वर्गों के लिए जो कुछ किया वो बेमिसाल है। वाईएसआर को इसी बात को लेकर प्रदेश के लोग आज भी याद करते हैं। 

वहीं सीएम जगन भी जो कल्याणकारी योजनाएं शुरू करते हैं तो इस बात पर खास ध्यान देते हैं कि उसका लाभ समाज के हर वंचित तक पहुंचे और उसमें किसी तरह का कोई भेदभाव न हो। वैसे भी सीएम जगन के शासन में पारदर्शिता का पूरा ख्याल रखा जाता है जिससे कि भ्रष्टाचार के लिए जगह नहीं बचती और जरूरतमंद तक मदद पहुंचती है। 

अब यह तो आंध्र प्रदेश का सौभाग्य ही कहा जा सकता है कि वाईएसआर के बेटे वाईएस जगन मोहन रेड्डी भी उन्हीं के पदचिन्हों पर चल रहे हैं। वाईएस जगन के एक साल के शासनकाल ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है। वाईएस जगन पिता की एक बात को बार-बार दोहराते है- ऐसा काम कीजिए, जिसे लोग हमें हमेशा दिल से याद करें और वही वे कर भी रहे हैं तभी तो एक साल में राज्य का कायपलट कर दिया।

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