दिशा कानून में शिकायतकर्ताओं को मिले बेहतर सेवा : सीएम जगन

CM YS Jagan directs to Provide Quality Service to Complainants under AP Disha Act  - Sakshi Samachar

जल्द शुरू होंगे दिशा पेट्रोल्स 

11 लाख से अधिक दिशा एप डाउनलोड

दिशा कानून के तहत कुल 390 मामले दर्ज

जल्द हो फोरेंसिक लैब्स की स्थापना

विजयवाड़ा : आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने महिलाओं व बच्चों के साथ हो रही पराधिक घटनाओं की सुनवाई के  लिए जल्द से जल्द स्पेशल कोर्ट्स की स्थापना की दिशा में कार्रवाई करने का आदेश दिया है। इससे जुड़ी फाइल केंद्रीय गृहमंत्रालय के पास लंबित होने का जिक्र करते हुए सीएम ने अधिकारियों को केंद्र सरकार के साथ समन्वय बनाने और अपराध से जुड़े कानून में संशोधन करते हुए भेजे गए बिल मंजूर करवाने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा। 

सीएम जगन ने  गुरुवार को दिशा कानून के क्रियान्वयन की समीक्षा की और इस कानून पर सख्ती से अमल करने को कहा। उन्होंने बताया कि  दिशा ऐप के तहत मिलने वाली शिकायतों को क्वालिटी सेवाएं मुहैया करानी चाहिए। कार्यक्रम में गृहमंत्री मेकतोटी सुचरिता, मुख्य सचिव नीलम सहानी, डीपीपी गौतम सवांग, दिशा कानून के विशेष अधिकारी डॉ. कृतिका शुक्ला, एम. दीपिका सहित कुछ अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

जल्द से जल्द फोरेंसिक लैब स्थापित करें
बैठक के दौरान सीएम ने स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर्स की नियुक्ति को लेकर जानकारी हासिल की। अधिकारियों ने बताया कि दिशा कानून के तहत मामलों की सुनवाई के लिए 13 जिलों में 11 प्रॉसिक्यूटर्स, पोक्सो मामलों की सुनवाई के लिए 8 स्पेशल प्रॉसिक्यूटर्स नियुक्त किए गए हैं। इसपर सीएम ने बाकी जगहों पर भी पब्लिक प्रॉसिक्यूटर्स को जल्द नियुक्त करने का आदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों को दिशा कानून, एप और नंबरों से संबंधित जानकारी ग्राम, वार्ड सचिवालय सहित लोगों को अधिक भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों व सार्वजनिक क्षेत्रों में पोस्टर्स के माध्यम से प्रचार करने को कहा। उन्होंने जल्द से  जल्द फोरेंसिक लैब्स स्थापित करने का आदेश भी दिया।

जल्द शुरू होंगे दिशा पेट्रोल्स 

आंध्र प्रदेश सरकार हर रथाना परिधि में दिशा पेट्रोल शुरू करने वाली है। इसी के तहत 900 स्कूटरों की  व्यवस्था की है। हर थाने में दिशा महिला हेल्प डेस्क की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए थाने में अलग से कंप्यूटर और फोन नंबर मुहैया कराया जाएगा। यहां साइकॉलोजिस्ट, एनजीओ सहित न्यायिक सहायता भी मिलेगी।

दिशा कानून के तहत अब तक तीन को मौत की सजा

दूसरी तरफ, दिशा एप 11 लाख डाउनलोड पूरे हो चुके हैं। इस एप के जरिए अब तक 502 कॉल्स, 107 प्राथमिकी दर्ज हुए हैं। दिशा कानून के तहत कुल 390 मामले दर्ज हुए हैं। इन मामलों में 7 दिन के भीतर चार्ज शीट दाखिल हुए थे और 74 मामलों में सजा तय हुई। इनमें 3 मौत की सजा, 5 आजीवन कारावास, 2 को 20 साल की सजा, 5 को 10 साल की सजा और बाकी लोगों को पांच साल से कम कारावस की सजा सुनाई गई है। और 1130 मामलों में  चार्जशीट दाखिल होने के बावजूद उनका केस नंबर आना अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के कारण अदालत के कामकाज पर असर पड़ा है। इसके अलावा साइबर मित्र के जरिए भी 265 एफआईआर दर्ज हुए हैं।

27 हजार साइबर शिकायतें

सोशल मीडिया के जरिए प्रताड़नाओं के नियंत्रण के लिए साइबर बुल्ली व्हाट्सएप नंबर उपलब्ध है। इसमें अब तक 27 हजार से अधिक शिकायतें मिली  हैं। 780 लोगों के बार-बार कानून का उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। साइबर अपराद और साइबर कानून के प्रति लोगों में जागरूकता लाने वाले ई-रक्षा बंधन के विशेष कार्यक्रमों में 3.5 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। दिशा वन स्टॉप सेंटर पूर्णस्तर पर काम कर रहे हैं और ये सेंटर 13 जिला मुख्यालयों में स्थापित किए गए हैं। गत जनवरी से अगस्त तक वनस्टॉप सेंटरों  में कुल 2285 मामले पहुंचे हैं।

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