टीडीपी शासनकाल की गलतियां पोलावरम परियोजना के लिए बन गई अभिशाप : बुग्गना

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केंद्र सरकार ने 2,300 करोड़ रुपये जारी करने की अनुमति दी

टीडीपी के शासनकाल में पोलावरम में धांधलियां 

नई दिल्ली/अमरावती: आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री बुग्गना राजेंद्रनाथ ने आज कहा कि टीडीपी शासनकाल के दौरान की गई गलतियां पोलावरम परियोजना के लिए अभिशाप बन गई हैं। उन्होंने कहा कि पोलावरम परियोजना पर साल 2013-14 में जारी राशि पर टीडीपी सहमत हो गई। इसके बाद जो लागत होगी वह राज्य सरकार वहन करने का केंद्र के साथ एक समझौता किया है।

मंत्री बुग्गना ने शुक्रवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक की। लगभग 45 मिनट तक चली बैठक में बुग्गना ने पोलावरम मुद्दे पर टीडीपी सरकार की ओर से किये गये धांधलियों के बारे में निर्मला सीतारमण को जानकारी दी। 

इसके बाद बुग्गना ने मीडिया से कहा कि केंद्र सरकार से पोलावरम के लिए खर्च किये गये 4,000 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति करने का आग्रह किया गया है। इसी क्रम में केंद्र ने पिछले हफ्ते 2,300 करोड़ रुपये जारी करने की अनुमति दी है। इसके लिए हमने केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।

टीडीपी सरकार को गलतियों को सुधारना चाहिए

वित्त मंत्री बुग्गना ने कहा, "पोलावरम की निर्माण लागत व्यय पर साल 2013-14 अनुमान लागत पर सहमति व्यक्त करते हुए 2017 में टीडीपी सरकार ने केंद्र के साथ एक समझौता किया है। फिर भी पोलावरम परियोजना की निर्माण लागत, विस्थापितों का पुनर्वास लागत व्यय और कमांड एरिया की लागत व्यय बढ़ जाने की संभावना है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए एनडीए सरकार ने 2014 में प्रस्ताव पारित किया था। मगर टीडीपी सरकार ने 2013-14 जारी खर्च पर सहमति व्यक्त की और लागत व्यय अधिक होने पर राज्य सरकार वहन करने का समझौता किया।"

2014 में एनडीए सरकार ने फैसला किया कि

बुग्गना ने आगे कहा, "केवल भूमि अधिग्रहण पर 17 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण, विस्थापित परिवारों का पुनर्वास, संशोधित अनुमान लागत और समिति की रिपोर्ट का विवरण केंद्रीय मंत्री सीतारमण को सौंपा है। पिछली सरकार की गलतियों को सुधारने पर बल दिया गया। साथ ही केंद्र सरकार से एक बार फिर पोलावरम पर समीक्षा करने की आवश्यकता के बारे में बताया है। 2013-14 में एक लाख एकड़ भूमि का अधिग्रहण करने का अनुमान व्यक्त किया गया था। मगर अब यह बढ़कर डेढ़ लाख एकड़ हो गई है।"

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