गीतम यूनिवर्सिटी जमीन मामले में कानून अपना काम करेगा : बोत्सा

Botsa Satyanarayan Comments over Gitam University Land Dispute - Sakshi Samachar

विशाखापट्टणम : आंध्र प्रदेश के नागरिक प्रशासन मंत्री बोत्सा सत्यनारायण ने कहा है कि गीत यूनिवर्सिटी यदि उसके द्वारा अतिक्रमित सरकारी जमीन वापस लौटा दी होती  बेहतर होता। उन्होंने कहा कि सरकार को किसी से बदला लेने की जरूरत नहीं है क्योंकि गीतम यूनिवर्सिटी द्वारा अतिक्रमित जमीन सरकारी जमीन है। इसीलिए अधिकारियों ने उसे बरामद कर लिया है। 

बोत्सा ने रविवार को यहां मीडिया से बातचीत में एक सवाल पर पूछा कि क्या गीतम यूनिवर्सिटी द्वारा कब्जा की गई जमीन वापस नहीं लेनी चाहिए? क्या यूनिवर्सिटी के लोग चंद्रबाबू के रिश्तेदार होने के कारण जमीन छोड़ देनी चाहिए ? इस मामले में कानून अपना काम करेगा।  उन्होंने कहा कि पिछले छह महीने से गीतम यूनिवर्सिटी की जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसलिए उस जमीन के मामले में चंद्रबाबू का जवाबी हमला करना ठीक नहीं है।

उन्होंने पूछा कि चंद्रबाबू ने क्यों सीएम रहते गीतम को जमीन नहीं दे पाए, क्या सरकारी जमीन लूटने वालों का बाबू सहयोग करते हैं?  उन्होंने कहा कि पोलावरम परियोजना के ठेका के लिए ही राज्य के विशेष दर्जे की मांग को चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र के पास गिरवी रखी है। मंत्री ने कहा कि कॉंट्रैक्ट के लिए मनमाने तरीके से प्रोजेक्ट की लागत घटाई गई है। मंत्री ने कहा कि हर कीमत पर पोलवरम परियोजना को पूरा करेंगे और इसके लिए केंद्र सरकार की सहायता मांगी जाएगी।

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