आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव अभी नहीं कराने को लेकर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका

AP Govt files petition against High Court order Supreme court over Local body Elections - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : आंध्र प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिला की है। सरकार ने कहा है कि वैक्सीनेशन के समय चुनाव कराना नामुमकिन है। गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार को स्थानीय निकाय चुनाव के संबंध में राज्य चुनाव आयोग द्वारा दाखिल रिट पिटिशन को अनुमति देने के साथ ही पंचायत चुनाव कराने का आदेश दिया था। परंतु आंध्र प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीमकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

इस बीच, राज्य चुनाव आयुक्त निम्मगड्डा रमेश कुमार ने इस महीने की 8 तारीख को पंचायत चुनाव का शेड्यूल गोषित किया था, लेकिन 11 जनवरी को हाईकोर्ट के सिंगल जज ने राज्य चुनाव आयोग के आदेश को खारिज करते हुए कहा था कि चुनाव आयोग ने संभव नहीं होने वाला फैसला किया है। साथ ही चुनाव शेड्यूल को संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के खिलाफ करार दिया था। सिंगल जज ने कहा था कि पंचायत चुनाव आयोजन के लिए चुनाव आयोग द्वारा जारी की गई अधिसूचना केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम को प्रभावित करेगी।

आंध्र हाईकोर्ट ने ग्राम पंचायत चुनावों की अनुमति दी
इससे पहले, आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने राज्य में ग्राम पंचायत चुनाव कराने की अनुमति गुरुवार को दे दी है। हालांकि हाल ही में एकल पीठ ने अनुमति रद्द कर दी थी।
राज्य निर्वाचन आयोग के एक बयान के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश अरूप कुमार गोस्वामी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने पिछले फैसले को रद्द करते हुए राज्य में ग्राम पंचायत चुनाव कराने का रास्ता साफ कर दिया। "राज्य निर्वाचन आयोग पहले से अधिसूचित कार्यक्रम के अनुसार ग्राम पंचायत चुनावों को आगे बढ़ा रहा है। चुनाव चार चरणों में होंगे - 5, 9 , 13 और 17 फरवरी।"
न्यायालय के आदेश के बाद, एसईसी के बयान में कहा गया है कि आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है, मंत्रियों को ग्रामीण क्षेत्रों में कल्याणकारी लाभों के वितरण से संबद्ध नहीं होने का निर्देश दिया गया है, ताकि मतदाताओं को प्रभावित न किया जा सके।

इसे भी पढ़ें : वैक्सीनेशन के दौरान पंचायत चुनाव कराने के फैसले को हाईकोर्ट ने ठहराया गलत, नोटिफिकेशन को किया रद्द

Related Tweets
Advertisement
Back to Top