आंध्र प्रदेश : बाढ़ में मारे गए लोगों के परिजनों को तत्काल 5-5 लाख का मुआवजा देने का आदेश

AP CM YS Jagan Review Meeting over Floods and Coronavirus in the State - Sakshi Samachar

राज्य के इतिहास में पहली बार...

कोरोना पॉजिटिविटी में गिरावट

2 नवंबर से खुलेंगे स्कूल

विजयवाड़ा : आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने हाल के बाढ़ में मारे गए लोगों के परिजनों को तत्काल 5-5 लाख रुपए का मुआवजा पहुंचाने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्होंने जिलाधीशों को फसल नुकसान का आकालन 31 अक्टूबर के भीतर पूरा करने का आदेश दिया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुनर बहाली के कार्यों में तेजी लाने का आदेश दिया।  बारिश, कोविड-19, वार्ड सचिवालय, नाडु-नेडू आदि मुद्दों पर मंगलवार को सीएम ने विभिन्न जिलों के जिलाधीशों, पुलिस अधीक्षकों व विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा की। 

सीएम जगन ने अधिकारियों को कुछ सुझाव देते हुए कहा कि कलेक्टरों को मानवीयता की दृष्टि से काम करते हुए क्षतिग्रस्त मकानों का पता लगाकर उनकी मदद करने को कहा। मारे गए लोगों के परिवारों को पांच लाख रुपए का मुआवजा पहुंचाने के लिए जिलाधीशों को कार्रवाई करनी चाहिए। 31 अक्टूबर के भीतर फसल नुकसान का आकलन करने का आदेश दिया। बजट प्रस्ताव 31 अक्टूबर के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने बिजली आपूर्ति बहाली का काम तेज करने पर कलेक्टरों को बधाई दी। इस महीने 27 को रैतु भरोसा योजना की धनराशि किसानों के खाते में जमा की जाएगी।

राज्य के इतिहास में पहली बार...

राज्य के इतिहास में पहली बार एक सीजन इनपुट सब्सिडी को उसी सीजन में दिया जा रहा है। इस वर्ष खरीफ इनपुट सब्सिडी को वाईएसआर रैतु भरोसा योजना के दूसरे चरण के भुगतान के साथ दिया जाएगा। जून, जुलाई और अगस्त के साथ सितंबर की इनपुट सब्सिडी इस महीने की 27 तारीख को दी जाएगी। खरीफ फसलों से संबंधित 113 करोड़, बागवानी की फसलों से संबंधित और 32 करोड़ मिलाकर कुल 145 करोड़ रुपए की इनपुट सब्सिडी किसानों को दी जाएगी।

अक्टूबर के महीने तक संबंधित इनपुट सब्सिडी पर 15 नवंबर के भीतर रिपोर्ट सौंपनी होगी। वन भूमियों के पट्टे वितरित किए गए आदिवासियों को भी वाईएसआर रैतु भरोसा योजना के तहत इस महीने की 27 तारीख को 11.500 रुपए के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।

कोरोना पॉजिटिविटी में गिरावट
राज्य में प्रति दिन करीब 70 हजार कोरोना टेस्ट किए जा रहे हैं और दूसरी तरफ वायरस पॉजिटिविटी दर में भारी गिरावट दर्ज हो रही है। इस महीने की 19 को पॉजिटिविटी दर 4.76 फीसदी रही, जबकि पिछले हफ्ते यह दर 5.5 फीसदी थी। 94.5 फीसदी रिकवरी रेट के साथ आंध्र पदेश पहले नंबर पर है।

सावधानी बरतना जरूरी 
कोविड की रफ्तार कम होने के बाद भी हमें सावधान रहने की जरूरत है। देश से संबंधित सर्वे देखने पर कोविड आकर ठीक होने के बाद भी 10 फीसदी मामलों में फिर से नए स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो रही हैं। किडनी, ब्रेन, बहरेपन जैसी समस्याएं आ रही है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कम होने के बाद भी कम से कम 6 से 8 सप्ताह तक लोगों को सावधान रहना होगा।

हेल्प डेस्क-सेवाएं :
हर अस्पताल में हेल्प डेस्क की व्यवस्था होनी चाहिए। सभी सरकारी और निजी आरोग्यश्री अस्पतालों मे हेल्पडेस्क अनिवार्य है। अगले 15 दिनों के भीतर हेल्पडेस्क की व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए। हर हेल्प डेस्क के पीछे पोस्टर भी पूर्ण विवरण के साथ होना चाहिए। इस डेस्क में दो आरोग्यमिुत्र होने चाहिए और उन्हें पूरा दिन अपनी सेवा देनी होगी। हर अस्पताल में हेल्प डेस्क पर नजर रखने के लिए सीसी कैमरे होने चाहिए और उसकी निगरानी की जिम्मेदारी संयुक्त जिलाधीशों की होगी।

स्पेशल ड्राइव : 
कोविड के मद्देनजर अगले 10 दिन तक ड्राइव चलाना चाहिए। कोविड संक्रमित होने पर बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर लोगों में जागरूकता अनिवार्य है 104 नंबर, मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग, बार-बार हाथ धोना चाहिए। इन चारों पर स्कूल खुलने के बाद बच्चों के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम भी होना चाहिए। हर दो दिन में एक बार कक्षाएं चलाई जाएंगी।

2 नवंबर से खुलेंगे स्कूल
1,3,5,7 कक्षाओं के लिए एक दिन और 2,4,6,8वीं कक्षाओं के लिए दूसरे दिन काक्षाएं चलाई जाएंगी। जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 750 से अधिक होने पर तीन दिन में एक बार क्लास चलेंगे। उसी तरह, स्कूल केवल दोपहर तक ही चलेंगे और मध्यान्ह भोजन के बाद विद्यार्थियों को घर भेज दिया जाएगा। पूरे नवंबर के महीने में यही व्यवस्था रहेगी। 

मौसमी बीमारी 
बारिश और बाढ़ कम होने के बाद संक्रमिक रोगों के फैलने का खतरा है। इसलिए सैनिटाइजेशन और साफ-सुथरा पानी पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। अस्पतालों में जरूरी सभी दवाइयों के अलावा सांप और कुत्तों के काटने पर दिए जाने वाले इंजेक्शन्स की व्यवस्था होनी चाहिए। 104 नंबर का इस्तेमाल केवल कोविड के अलावा अन्य चिकित्सा सुविधाओं के लिए भी होना चाहिए। मुख्य रूप से कलेक्टरों को संक्रमक रोगों को लेकर अलर्ट रहना चाहिए।

राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के काम...
ग्राम, वार्ड सचिवालय, आरबीके, बल्क मिल्क कूलिंग यूनिट्स, वाईएसआर आरोग्य केंद्र, आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूलों के कंपाउंड का निर्माण आदि आगामी 31 मार्च तक पूरा होना चाहिए। हर जिले को 10 करोड़ रुपए मूल्य के कार्य दिवस दिये जा रहे हैं। उन्हें समय रहते सभी काम पूरा करेंगे तो अतिरिक्त 5 करोड़ के कार्य दिवस दिए जाएंगे।

नाडु-नेडू 
स्कूलों में शुरू किए गए काम 15 नवंबर तक पूरे होने चाहिए। पेरेंट कमेटियों पर पूरा बोझ डाले बिना संयुक्त जिलाधीशों को जिम्मेदारी लेकर दो दिन में एक बार स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए। अभी 153 स्कूलों में काम शुरू नहीं हुआ है जबकि 472 टॉयलेट्स की छत डालना बाकी है। 91 नाबार्ड स्कूलों में काम शुरू होना बाकी है।
 
आंगनवाड़ी केंद्र :
अभी 7,375 आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए जमीन चिन्हित करना बाकी है। राज्य में 27,561 आंगनवाड़ी केंद किराए के भवन में चल रहे हैं। उनके लिए 20,186 भवनों के लिए जमीन चिन्हित की गई है।

वाईएसआर आरोग्य केंद्र 
भविष्य में गांवों में चिकित्सा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव होने वाला है। उनमें आशा वर्कर होंगे। हेल्थ असिस्टेंट भी रहेंगे। उनके पास 55 प्रकार की अवधियां उपलब्ध होंगी।
355 अर्बन स्वास्थ्य केंद्रों के लिए भूमि चिन्हित की गई है। निर्माण चाहे कोई भी हो उसकी गुणवत्ता को प्राथमिकता देनी चाहिए।

मेडिकल कॉलेज :
अदोनी और पिडुगुराल्ला में नए मेडिकल कॉलेजों के लिए भूमि अधिग्रहण करना बाकी है। उसी तरह, पुराने कॉलेजों से संबंधित काकीनाडा, ओंगोल, अनंतपुर में भूमि अधिग्रहण या जमीन सौंपने की समस्या है और जिलाधीशों को तुरंत इनका समाधान करना चाहिए।
हर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में एक टीचिंग अस्पताल के साथ नर्सिंग कॉलेज स्थापित करना सरकार का लक्ष्य। उनमें चिकित्सा व कर्मचारी उपलब्ध रहेंगे। इसलिए कलेक्टरों को इसपर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

इसके अलावा ग्राम वार्ड सचिवालय, समय पर सेवाएं मुहैया कराने, जगनन्ना तोडु कार्यक्रम, वाईएसआर बीमा योजना, ऊर्जा विभाग के कामकाज और किसानों के अधिकार आदि मुद्दों पर जरूरी निर्देश दिए। 

सीएम कैंप कार्यालय में हुई इस समीक्षा बैठक में डिप्टी सीएम आल्ला नानी, मंत्री पेद्दीरेड्डी रामचंद्रा रेड्डी, बोत्सा सत्यनारायण, आदिमलुरु सुरेश, तानेटी वनिता, मुख्य सचिव नीलम सहानी आदि अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

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