कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए CM जगन ने मांगा बैंकर्स का सहयोग

AP CM Jagan Seeks Help from Bankers for Welfare Schemes  - Sakshi Samachar

ताड़ेपल्ली : आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बताया कि उनकी सरकार राज्य के लघू व मध्यम वर्ग के उद्योगों को अतिरिक्त ऋण देने की कोशिश कर रही है। ताड़ेपल्ली में स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी के साथ सीएम जगन ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक की। 

इस मौके पर उन्होंने बैंकर्स को राज्य में चलाए जा रहे विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों से अवगत कराया। बाद में उन्होंने कहा कि वित्तीय क्षेत्र की रीढ़ है कृषि क्षेत्र। राज्य में लगभग 62 फीसदी लोग कृषि पर आधारित हैं। किसानों को निवेश के तहत सालाना 13,500 रुपए दिए जा रहे हैं, जिनमें खरीफ (जून) में 7,500 रुपए और रबी (अक्टूबर) में 4 हजार तथा फसल  की कटाई के दौरान और 2 हजार रुपए की आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है।

राज्य में 10,600 से ज्यादा रैतु भरोसा केंद्र (आरबीके) स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त फसल बीमा, ब्याज मुक्त ऋणों के लिए ई-क्रापिंग अनिवार्य कर दी गई है।  पिछले वर्ष दरों के स्थिरकरण के लिए 3,200 करोड़ रुपए की फसल खरीदी गई है। इस वर्ष 3,500 करोड़ से कार्पस फंड की व्यवस्था की गई है।

 हर गांव में गोदाम, मंडल मुख्यालयों में कोल्ड स्टोरेजों की व्यवस्था और हर ग्राम में जनता बजार स्थापित करने जा रहे हैं। नाडु-नेडू के तहत स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इस्पताल में भी नाडू-नेडु के तहत बदलाव किए जा रहे हैं। हर गांव में विलेज क्लिनिक स्थापित किए जा रहे हैं।

सीएम ने बताया कि हर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना, वाईएसआर चेयता योजना के जरिए 25 लाख महिलाओं को ऋण देने के साथ ही छोटे व मध्यम वर्ग के उद्योगों को लंबित 1,100 करोड़ रुपए की रियायत दी गई है।

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वाईएसआर आसरा योजना के जरिए महिलाओं को ऋण दिए गए हैं। उन्होंने इन सभी कल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए बैंकर्स के सहयोग की आवश्यकता है। कृषि ऋण और कल्याणकारी योजनाओं में बैंकर्स के सहयोग पर चर्चा की । इस मौके पर सीएम ने बताया कि इस मामले में बैंकर्स का रुख भी सकारात्मक है। 

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