अकेले आंध्र प्रदेश में हो रही है देश के कुल फलों और सब्जियों का 11.8 प्रतिशत उत्पादन

Andhra Pradesh alone is producing 11.8 percent of the country's total fruits and vegetables - Sakshi Samachar

फल व सब्जियों के निर्यात का लेखा-जोखा

बाजारों को बेहतर बनाने के लिए किया गया ध्यान केंद्रित

बागबानी के लिए नई तकनीक के इस्तेमाल की शुरुआत

अमरावती: क्या आप जानते हैं कि पूरे देश में कुल जितनी सब्जियां और फलों (Fruits and Vegetables Production) का उत्पादन होता है, उनमें से अकेले आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) का हिस्सा 11.8 प्रतिशत है। ऐसे में आंध्र प्रदेश राज्य कृषि मिशन (APSAM) के उपाध्यक्ष एमवीएस नेगी रेड्डी ने कहा कि उत्पादन में वृद्धि होने पर अन्य बाजारों (Market) को तलाशने की जरूरत है, ताकि किसानों (Farmers) को नुकसान न हो।

बता दें कि आंध्र प्रदेश ने 2019-20 में 257.75 लाख मीट्रिक टन फलों और सब्जियों का उत्पादन किया, जो देश के अन्य सभी राज्यों की तुलना में सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है।

फल व सब्जियों के निर्यात का लेखा-जोखा

साल 2019-20 में राज्य ने 180.04 लाख मीट्रिक टन फलों (केला 62.97 लाख मीट्रिक टन, आम 50.76 लाख मीट्रिक टन, नारंगी 22.41 लाख मीट्रिक टन, पपीता 18.08 लाख मीट्रिक टन, नींबू 6.57 लाख मीट्रिक टन, कस्तूरी 4.05 लाख मीट्रिक टन, तरबूज 3.74 लाख मीट्रिक टन और अमरूद 3.3 लाख मीट्रिक टन) की का निर्यात किया है। जबकि, 77.71 लाख मीट्रिक टन सब्जियों का (टमाटर 26.67 लाख मीट्रिक टन, प्याज 9.8 लाख मीट्रिक टन, हरी मिर्च 6.32 लाख मीट्रिक टन, खीरा 8.69 लाख मीट्रिक टन, बैंगन 4.32 लाख मीट्रिक टन और भिंडी 3.32 लाख मीट्रिक टन) निर्यात किया।

बता दें कि ये आंकड़े देश में सब्जियों और फलों के कुल उत्पादन मूल्य का 11.8 प्रतिशत हैं।

बाजारों को बेहतर बनाने के लिए किया गया ध्यान केंद्रित

आंध्र प्रदेश राज्य कृषि मिशन (Andhra Pradesh State Agriculture Mission (APSAM)) के उपाध्यक्ष एमवीएस नागी रेड्डी (MVS Nagi Reddy) ने कहा कि देश भर में नेटवर्क और बाजारों को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है ताकि किसानों और उपभोक्ताओं को समान रूप से इसका लाभ मिल सके।

बागबानी के लिए नई तकनीक के इस्तेमाल की शुरुआत

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने आधिकारिक तौर पर साल 2021 को फल और सब्जियों के अंतर्राष्ट्रीय वर्ष के रूप में घोषित किया है। इसके पीछे नए तकनीक का इस्तेमाल करते हुए स्वस्थ और टिकाऊ खाद्य उत्पादन में सुधार करने और खाद्य हानि को कम करने का विचार शामिल है।
 

उन्होंने कहा कि कोविड-19 और भारी बारिश जैसी बाधाओं के बावजूद, पिछले साल बागवानी उत्पादन बेहतर था। यह दर्शाता है कि रायलसीमा समेत कृष्णा और गुंटूर जिलों के ऊपरी क्षेत्रों में ज्यादातर किसानों ने बागवानी की है।

किसानों का कम से कम हो नुकसान

वहीं, APSAM के उपाध्यक्ष ने कहा कि उत्पादन में वृद्धि होने पर और भी ज्यादा बाजारों को तलाशने की जरूरत आ गई है ताकि किसानों को नुकसान न हो।

बता दें कि अधिक मात्रा में सब्जियों और फलों की आपूर्ति के लिए अन्य राज्यों की ओर भी ध्यान दिया जाना चाहिए न कि इसे केवल घरेलू उपयोग के लिए समझना चाहिए। इस बाबत खाद्य पदार्थों के ट्रांसपोर्टेशन और कागजी कार्रवाई को पहले से कहीं ज्यादा आसान बनाने की कोशिश करनी चाहिए। बागवानी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिनिधियों को राज्य के विभिन्न बाजारों में तैनात किया जाएगा। इस बाबत बागवानी को लेकर कई रिसर्च भी चलाए जा रहे हैं।

साल 2019-20 में फलों का उत्पादन हुआ (लाख मीट्रिक टन में)

केला 62.97, आम 50.76, संतरा 22.41, पपीता 18.08, नींबू 6.57, कस्तूरी 4.05, तरबूज 3.74, अमरूद 3.3

सब्जियों का उत्पादन हुआ (लाख मीट्रिक टन)

टमाटर 26.67, प्याज 9.8, हरी मिर्च, खीरा 8.69, बैंगन 4.32, भिंडी 3.32

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