नई दिल्ली: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित राज्य के अन्य हिस्सों में गर्म हवाओं ने तपिश बढ़ा दी है। बीते 24 घंटों के दौरान खरगोन सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा बीते शुक्रवार को कई भारतीय शहरों में पारा चढ़ा रहा और लोगों को गर्म हवा के थपेड़ों का सामना करना पड़ा।

अल डोराडो मौसम वेबसाइट की रिपोर्ट अनुसार दुनिया के 15 सबसे गर्म शहरों की लिस्ट में सभी मध्य भारत और उसके आसपास के क्षेत्रों से हैं। 46.6 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ मध्य प्रदेश का खरगोन पहले स्थान पर है।

क्षेत्रीय मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस बीच, महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के कई हिस्सों में भी उच्च तापमान दर्ज किया गया है। शुक्रवार को अकोला में अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सबसे गर्म 15 शहरों में से 9 महाराष्ट्र, 3 मध्य प्रदेश, 2 उत्तर प्रदेश और एक तेलंगाना से थे।

एक अधिकारी ने बताया कि हीटवेव अगले पांच दिनों तक जारी रहने की उम्मीद है। अकोला का अधिकतम तापमान ब्रम्हपुरी में 45.8 डिग्री सेल्सियस, वर्धा में 45.7 डिग्री सेल्सियस, चंद्रपुर में 45.6 डिग्री सेल्सियस, अमरावती में 45.4 डिग्री सेल्सियस, नागपुर में 45.2 डिग्री, यवतमाल में 44.5, वाशिम में 44.2, गोंदिया में 43.8, गढ़चिरोली में 43.2 और बुलढाणा 43.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इसे भी पढ़ें :

इस बार कुछ ज्यादा ही सताएगी गर्मी, औसत तापमान में बढ़ोत्तरी की आशंका

एक रिपोर्ट के अनुसार, 45.2 डिग्री के साथ नागपुर दुनिया में नौवा सबसे गर्म शहर था। एक क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) ने बताया कि तापमान सामान्य से लगभग तीन डिग्री ज्यादा था। लगातार तेजी से बढ़ रहा तापमान वनस्पतियों और जीवों को प्रभावित कर रहे हैं। चंद्रपुर के वन्यजीव एनजीओ हैबिटेट कंजर्वेशन सोसाइटी ने टीओआई को बताया कि शहर से 15 किमी दूर स्थित गोजरा तालाब में अत्यधिक गर्मी की वजह से कम से कम नौ पक्षियों की मौत हो गई है।

इस बीच, मौसम विभाग ने विदर्भ के जिलों में अगले पांच दिनों में भीषण गर्मी की चेतावनी जारी की है। कई जिलों में अधिकतम तापमान 45-47 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इसके अलावा भारतीय मौसम विभाग ने बीते साल 2018 को 1901 के बाद से अब तक का सबसे गर्म साल घोषित किया था।