नई दिल्ली : पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की पुत्री और कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने रविवार को कहा कि उनके पिता दोबारा राजनीति में शामिल नहीं होने जा रहे हैं। शर्मिष्ठा ने शिवसेना द्वारा प्रणव मुखर्जी के दोबारा देश की सक्रिय राजनीति में आने के कयास पर यह बयान दिया है।

शिवसेना ने कहा कि 2019 के आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत नहीं मिलने पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रधानमंत्री पद के लिए मुखर्जी के नाम का प्रस्ताव दे सकता है।

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सेना प्रवक्ता संजय राउत ने संवाददाताओं से कहा, "हमें लगता है कि आरएसएस खुद को उस स्थिति के लिए तैयार कर रहा है कि अगर भाजपा आवश्यक संख्याबल (2019 में) प्राप्त करने में विफल हो तो वह प्रणब मुखर्जी का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए पेश कर सके। इस बार हर हाल में भाजपा कम से कम 110 सीटें हारेगी।"

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शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा, "श्रीमान राउत, भारत के राष्ट्रपति पद से सेवानिवृत होने के बाद मेरे पिता दोबारा सक्रिय राजनीति में नहीं आने वाले हैं।"

बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति ने सात जून को नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत की थी, जिसके बाद से प्रणब के बीजेपी में जाने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में शुरू हो गई है।