मोरता (प.गोदावरी)। वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष जगनमोहन रेड्डी ने लोकसभा अध्यक्ष द्वारा 5 सांसदों के इस्तीफे को मंजूर किए जाने का लगातार दबाव बनाने की तारीफ की और दोबारा चुनाव में जाने के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमारे पांच लोकसभा सांसदों ने जिस अंदाज में राज्य के हित में अपने इस्तीफे दे दिए हैं, वह काबिले तारीफ है। अच्छा होता कि आंध्र प्रदेश के सभी 25 सांसद एक साथ इस्तीफा देते।

वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष जगनमोहन रेड्डी ने टीडीपी के रवैए की आलोचना करते हुए कहा कि एक साथ राज्य के 25 सांसदों के इस्तीफे से राज्य के विशेष दर्जे की मांग को बल मिलता और इससे केन्द्र सरकार के ऊपर दबाव पड़ता। एक साथ इस्तीफा देने से एक अलग तरह का संदेश जाता और केन्द्र सरकार विशेष राज्य के दर्जे को देने पर मजबूर हो सकती थी।

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जगनमोहन रेड्डी ने कहा कि वाईएसआरसीपी के सांसदों के इस्तीफा देने के बाद तेलुगू देशम पार्टी डर गई और विशेष पैकेज की मांग को छोड़कर राज्य के विशेष दर्जे का राग अलापने लगी।
जगनमोहन रेड्डी ने कहा कि अगर लोकसभा के उपचुनाव होते हैं और तेलुगू देशम पार्टी हमारे खिलाफ अपने कैंडिडेट उतारती है तो इसे हम अपना सौभाग्य समझेंगे। 14 महीने पहले हमारे सभी सांसदों ने इस्तीफा दे दिया है ऐसे में चुनाव होना लाजमी है। दलबदलुओं के इस्तीफा दिलाने की मांग।

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जगनमोहन रेड्डी ने तेलुगू देशम पार्टी के मुखिया चंद्रबाबू नायडू पर निशाना साधते हुए कहा कि वाईएसआरसीपी के टिकट पर जीते हुए 23 MLA फिलहाल टीडीपी के साथ हैं, जिनमें से चार को चंद्रबाबू नायडू ने मंत्री भी बना रखा है। अगर उनके अंदर थोड़ी सी भी लोक लज्जा है तो वह सभी विधायकों को इस्तीफा दिलवाकर चुनाव में ले जाएं और दोबारा चुनाव लड़ने को कहें।

जगनमोहन रेड्डी ने कहा कि चंद्रबाबू नायडू ने पैसे के दम पर मीडिया और संस्थाओं को भी मैनेज करने की कोशिश की है। ऐसा चलता रहा तो लोगों का राजनीति पर से भरोसा उठ जाएगा।