कटक : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी एकता पर हमला करते हुए शनिवार को यहां कहा कि भ्रष्ट नेता 'देश को बचाने के लिए नहीं' बल्कि खुद को बचाने के लिए एक साथ आ रहे हैं।

मोदी ने अपनी सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर यहां एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, "कालाधन और भ्रष्टाचार के विरुद्ध इस सरकार की वचनबद्धता की वजह से, भ्रष्टाचार के मामले में जो जमानत पर हैं, वे एक मंच पर साथ आ गए।"

वह अप्रत्यक्ष रूप से सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर नेशनल हेराल्ड मामले में जमानत पर बाहर होने और कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी दलों के नेताओं की एकजुटता पर निशाना साध रहे थे।

मोदी ने कहा, "जैसा कि हमने चार वर्ष पहले भ्रष्टाचार को बिल्कुल बर्दाश्त न करने का वादा किया था, चार पूर्व मुख्यमंत्री जेल के अंदर हैं।" प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह भ्रमित (कंफ्यूज्ड) सरकार के बदले प्रतिबद्ध सरकार है।

उन्होंने कहा, "जिस तरह से हमारी सरकार भ्रष्टाचार को लेकर प्रतिबद्ध है, इसी वजह से दुश्मन अच्छे दोस्त हो गए हैं। देश के लोग उन्हें देख रहे हैं।" मोदी ने कहा, "ये नेता देश के लिए एकसाथ नहीं आए हैं, बल्कि वे लोग खुद को और अपने परिवार को बचाने के लिए एकसाथ आए हैं।"

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प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश के राष्ट्रपति(रामनाथ कोविंद), उपराष्ट्रपति(एम.वेंकैया नायडू) और प्रधानसेवक(प्रधानमंत्री) तीनों काफी विनम्र और गरीब पृष्ठभूमि से आते हैं। मोदी ने अप्रत्यक्ष रूप से राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, "हमने गरीबी के दिन देखे हैं। और हम मुंह में चांदी का चम्मच लेकर पैदा नहीं हुए थे। वास्तव में, हमने अपने शुरुआती दिनों में चम्मच तक नहीं देखे थे।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन चार वर्षो में जांच एजेंसियों ने 3000 स्थानों पर छापे मारे हैं और 53,000 करोड़ रुपये से अधिक अघोषित संपत्ति का पता लगाया है। मोदी ने दावा किया कि बेनामी संपत्ति अधिनियम के पारित होने के बाद सरकार ने 35,000 करोड़ रुपये तक की बेनामी संपत्ति जब्त की है।