भुवनेश्वर : 2019 के आम चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नजर अब गैर भाजपा शासित राज्यों पर केंद्रित है। इसी के तहत मोदी के एक सनसनीखेज निर्णय लिये जाने की खबर है। मोदी के ओड़िशा के पुरी से चुनाव लड़ने की खबर राजनीतिक खेमे में चर्चा का मुद्दा बनी है। पिछले चुनाव में वड़ोदरा और वाराणसी से चुनाव लड़ चुके मोदी अगले चुनाव में भी दो स्थानों पर चुनाव लड़ेंगे, जिसमें एक पूरी लोकसभा सीट शामिल है। इस संबंध में एक प्रमुख राष्ट्रीय मीडिया संस्था ने विश्लेषणात्मक खबर प्रकाशित की है।

पूरी से लड़ेंगे चुनाव ! 2014 के आम चुनाव में गृह राज्य गुजरात के वड़ोदरा और उत्तर प्रदेश के वाराणसी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़कर मोदी ने दोनों जगहों पर जीत दर्ज की थी। परंतु बाद में उनका वड़ोदरा सीट छोड़कर केवल वाराणसी के सांसद बने रहने का फैसला भी चर्चा का विषय बना रहा। बताया जाता है कि अगले चुनाव में मोदी ओडिशा के पुरी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने का मन बना चुके हैं और भाजपा ने इसके लिये क्षेत्रीय स्तर पर जरूरी तैयारियां शुरू कर दी है।

मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भाजपा अधिक से अधिक सीट हासिल करने और विपक्ष का मुंह बंद करने के संकल्प के साथ काम कर रही है। परंतु पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना राज्यों में पार्टी का उतनी मजबूत नहीं होना उसके लिये प्रतिकूल मुद्दा बना हुआ है। इन चार राज्यों में लोकसभा की कुल 105 सीटें हैं, जिनमें 2014 के चुनाव में भाजपा को सिर्फ 6 सीटें मिली थीं। भाजपा को पश्चिम बंगाल के 42 में से 2, ओडिशा के 21 में से 1. एपी में 25 में से 2 और तेलंगाना के 17 में से 1 सीट मिली थी।

पश्चिम बंगाल में हाल में संपन्न पंचायत चुनाव में भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन किया है। कांग्रेस और माकपा को पछाड़ते हुए दूसरे स्थान पर रही। ओडिशा में पिछले 18 वर्षों से बीजेडी की सरकार है। लोगों में बीजद के प्रति असंतोष फैलने के मद्देजनर भाजपा वहां कड़ी टक्कर देने पर विचार कर रही है।

उसी तरह, तेलुगु भाषी राज्यों के लिए विशेष रणनीती के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को मैदान में उतारा गया है। इसीलिये उन चार राज्यों पर ध्यान केंद्रित कर चुके नरेंद्र मोदी के पुरी से चुनाव लड़ने में रुचि दिखाने की खबर है। 26 मई को कटक में भाजपा की प्रस्तावित एक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाग लेने जा रहे हैं और उसी दिन इस मुद्दे पर क्लैरिटी आ सकती है।