नयी दिल्ली : उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि वर्ष 2050 तक देश की कम से कम आधी आबादी शहरों और कस्बों में रह रही होगी जिससे आवासीय क्षेत्र तथा आधारभूत ढांचे पर दबाव बहुत बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि इन जरूरतों को पूरा करने के लिए हरित एवं बिजली के लिहाज से किफायती उपायों की आवश्यकता होगी।

उन्होंने कहा कि देश को सालाना 7 से 7.5 फीसदी की आर्थिक वृद्धि की तेज रफ्तार लगातार बनाए रखना है तो कई बड़ी चुनौतियों से निपटना होगा। नायडू ने कहा, ‘‘ इसके साथ ही हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि पर्यावरण और संसाधनों को बचाते हुए विकास सतत जारी रहे। नौरोजी नगर में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और नेताजी नगर जनरल पूल रेसिडेंशियल अकोमोडेशन कॉलोनी के पुनर्विकास की आधारशिला रखने के बाद नायडू सभा को संबोधित कर रहे थे।

इसे भी पढ़ें :

महाभियोग प्रस्ताव पर बगैर किसी जल्दबाजी के लिया फैसला : नायडू

उन्होंने कहा कि 2011 में देश की आबादी के कुल 31.7 फीसदी लोग शहरी इलाकों में रह रहे थे। ऐसा अनुमान है कि 2050 तक करीब 50 फीसदी लोग शहरों और कस्बों में रह रहे होंगे। एक अनुमान यह भी है कि शहरी आबादी वर्ष 2050 तक 80 करोड़ के पार चली जाएगी। इसका मतलब है कि शहरों और उपनगरों में उल्लेखनीय बदलाव आएगा और आवासीय क्षेत्र पर बहुत दबाव पड़ेगा।