मुंबई : शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के इस्तेमाल को लेकर शंकाएं दूर करने की खातिर मतपत्रों के जरिये चुनाव कराने की चुनौती दी। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना जारी होने और भाजपा के सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरने के साथ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे भी उद्धव से सहमत दिखे।

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ''यह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की जीत है।'' उद्धव ने कहा कि भाजपा उपचुनाव हार रही है, लेकिन विधानसभा चुनाव जीत रही है। उन्होंने कर्नाटक के चुनाव नतीजे को लेकर कहा, ''अगर आपको (भाजपा) खुद पर भरोसा है तो एक बार मतपत्र के जरिये चुनाव कराकर दिखाएं।''

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शिवसेना प्रमुख ने कहा, ''जब इतने सारे लोग इसकी मांग कर रहे हैं तो इससे (ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर) शंकाएं हमेशा के लिए दूर हो जाएंगी।'' कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद कर्नाटक विधानसभा चुनाव के पहली बड़ी चुनावी लड़ाई होने के बाबत सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि चुनाव आते जाते रहते हैं और ''कई बार आप जीतते हैं तो कई बार हारते हैं। हमें काम करते रहना चाहिए।''

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उद्धव ने हालांकि कर्नाटक चुनाव में सफलता के लिए भाजपा को बधाई दी और उम्मीद जताई कि राज्य के लोगों को अब ''अच्छे दिन'' देखने को मिलेंगे। वहीं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस और जनता दल (एस) कर्नाटक में मिलकर अगली सरकार का गठन कर सकते हैं। उन्होंने मीडिया से कहा, ''अगर नेतृत्व कौशल दिखाया गया तो यह संभव है, क्योंकि कर्नाटक विधानसभा में हमारे पास मिलाकर बहुमत है।''