विदेश सचिव ने कहा- नोटबंदी जटिल मुद्दा, आरबीआई-नेपाल राष्ट्र बैंक में हो रही है बातचीत

विजय गोखले (फाइल फोटो) - Sakshi Samachar

नई दिल्ली : भारत व नेपाल के केंद्रीय बैंक नोटबंदी के दौरान बंद किए गए भारतीय मुद्रा नोटों को बदलने से जुड़े 'तकनीकी मुद्दों' पर विचार विमर्श कर रहे हैं। विदेश सचिव विजय गोखले ने आज यह जानकारी दी और उम्मीद जताई कि दोनों देशों के केंद्रीय बैंक इस मुद्दे को सुलझा लेंगे।

गोखले ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'हमारा रिजर्व बैंक तथा उनका नेपाल राष्ट्र बैंक इस पर विचार कर रहा है। हमें यह समझना होगा कि यह बहुत ही जटिल मुद्दा है और नोटबंदी के बाद काफी समय गुजर चुका है।' नोटबंदी की घोषणा 2016 में हुई थी जबकि अभी 2018 है।

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उन्होंने कहा, 'कुछ तकनीकी मुद्दे हैं, जिन्हें केवल केंद्रीय बैंक ही सुलझा सकते हैं। बातचीत जारी है।' उल्लेखनीय है कि नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि उनके बैंकों व आम जनता को पुराने भारतीय नोटों को बदलने की सुविधा जल्द से जल्द प्रदान की जाए।

प्रधानमंत्री मोदी ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा की जिसके तहत 500 व 1000 रुपये के नोटों का प्रचलन बंद कर दिया गया था। भारतीय मुद्रा नोटों का नेपाल में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल दैनिक लेन-देन में होता है। नेपाल के केंद्रीय बैंक , नेपाल राष्ट्रीय बैंक के अनुसार लगभग 3.36 करोड़ भारतीय रुपये इस समय नेपाली बैंकिंग प्रणाली में हैं।

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ओली ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद संवाददाताओं से कहा, 'मैंने मोदी से नेपाली बैंकिंग प्रणाली व आम लोगों के पास पड़े पुराने ( प्रचलन से बाहर ) भारतीय मुद्रा नोटों को बदलने की सुविधा जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का आग्रह किया।' मार्च में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने घोषणा की थी कि नेपाल को नोट बदलने की सुविधा जल्द प्राप्त होगी।

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