नई दिल्ली : भारतीय कानून आयोग ने कहा है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को अन्य राष्ट्रीय खेल संगठनों की तरह ही सूचना अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत शामिल किया जाना चाहिए। कानून आयोग का कहना है कि उसे बीसीसीआई को इस प्रकार की छूट दिए जाने का कोई कारण नजर नहीं आता।

कानून आयोग ने अपनी बुधवार को जारी रिपोर्ट 'लीगल फ्रेमवर्क : बीसीसीआई वाइस-ए-वाइस आरटीआई एक्ट' में यह जाहिर किया है कि बीसीसीआई को हमेशा एक निजी संगठन की तरह समझा गया है और वह वास्तव में एक राष्ट्रीय खेल संघ के रूप में काम करता है।

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लोकसभा में एक बयान के अनुसार, केंद्र सरकार पहले से ही बीसीसीआई को राष्ट्रीय खेल संघ के रूप में देख रही है।

आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "ऐसे में जब राष्ट्रीय खेल संघ में शामिल सभी अन्य संगठन आरटीआई अधिनियम के तहत आते हैं, तो बीसीसीआई को इस प्रकार की छूट देना सही नहीं।"