पटना : जेल में बंद राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास से बीएमपी-2 के 32 कमांडो को मंगलवार की देर शाम पुलिस मुख्यालय ने वापस बुला लेने के बाद से बिहार की राजनीति एक बार फिर से गरमा गई है।

आपको बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास 10, सर्कुलर रोड की सुरक्षा में तैनात 32 कमांडो को मंगलवार की देर शाम पुलिस मुख्यालय ने वापस बुला लिया गया।

विशेष शाखा की समिति के द्वारा लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए प्रदेश के एडीजी (मुख्यालय) एसके सिंघल ने बताया कि लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के सरकारी आवास से सुरक्षा वापस लेने का निर्णय विशेष शाखा की समिति ने लिया है।

सरकार के द्वारा लिए गए इस फैसले के बाद लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटों ने अपनी सुरक्षा में तैनात जवानों को भी हटा दिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव के साथ साथ पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बाडीगार्ड लेने से इंकार कर दिया है।

बताया जा रहा है कि बुधवार की सुबह इन नेताओं सुरक्षा के लिए आए सभी गार्डों को वापस लौटा दिया गया। इसके साथ ही राजद के विधायक और विधान पार्षदों ने भी सुरक्षा नहीं लेने का निर्णय लिया है।

वहीं, पूरे मामले पर आईजी (सुरक्षा) बच्‍चू सिंह मीणा ने कहा कि लालू परिवार की सुरक्षा न तो बढ़ाई गई है और न हीं परिवार के किसी सदस्‍य की सुरक्षा हटाई गई है।

राजद के राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा कि राबड़ी देवी पूर्व मुख्‍यमंत्री हैं, तेजस्‍वी यादव नेता प्रतिपक्ष हैं, उन्‍हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा है, ऐसे में नीतीश कुमार गलत काम कर रहे हैं। यह काफी खतरनाक खेल हो रहा है।