नई दिल्ली : रियल एस्टेट डेवलपर्स एटीएस ग्रुप ने मध्यम आय और सस्ते घरों के वर्ग में प्रवेश करते हुए एक नए उपक्रम 'होमक्राफ्ट' की शुरुआत की है। कंपनी इन इकाइयों के निर्माण के लिए 1,500 से 2,000 करोड़ रुपये निवेश करेगी। कंपनी को 3-5 वर्षो में 6000-6500 आवास की बिक्री की उम्मीद है।

एटीएस मुख्य रूप से बुटीक और प्रीमियम आवास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, होमक्राफ्ट केवल किफायती और मध्यम आय वाले आवास समूहों की आवास संबंधित जरूरतों को पूरा करेगा। एटीएस ग्रुप के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक गीतांबर आनंद ने कहा कि नव निर्मित ब्रांड 30-70 लाख रुपये की रेंज में आवासीय परियोजनाएं लॉन्च करेगा।

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एनसीआर में परियोजनाओं की शुरुआत करते हुए पूरे भारत में इस ब्रांड के तहत सभी अपार्टमेंट, पीएमएआई योजना के तहत पात्रता प्राप्त करेंगे, जिसमें सरकार की विभिन्न रियायती योजनाएं हैं। जैसे सीएलएसएस के तहत ब्याज अनुदान, जीएसटी पर रियायतें आदि उपलब्ध हैं। ये सभी लाभ ग्राहक की संबंधित पात्रता के आधार पर ग्राहकों को प्रदान किए जाएंगे और इससे अपार्टमेंट की कीमतों को और कम करने में मदद मिलेगी।

दिल्ली स्थित होमकॉफ्ट अगले 3-5 वर्षो में 6000-6500 आवास की बिक्री की उम्मीद कर रहा है, जिसमें कंपनी को 4000-5000 करोड़ रुपये के आसपास अपेक्षित आय मिलेगी। आनंद ने कहा कि कंपनी इन इकाइयों के निर्माण के लिए 1,500 से 2,000 करोड़ रुपये के करीब निवेश करेगी और यह आंतरिक संसाधनों, ऋण और निजी इक्विटी फंडों के मिश्रण के साथ जुटाया जाएगा। अगले 2-3 महीनों में होमक्राफ्ट के लिए फंड्स जुटाने के लिए पहले से ही एक बड़ी पीई कंपनी के साथ बातचीत चल रही है।

होमक्राफ्ट के सीईओ प्रसून चैहान ने कहा, "होमक्राफ्ट में हम प्रत्येक अपार्टमेंट को इस तरह से डिजाइन और तैयार कर रहे हैं कि हर जगह का कुशलतापूर्वक सर्वाधिक उपयोग हो और एकीकृत सुविधाएं भी प्रदान की जा सके, जिससे इस वर्ग की आवास जरूरतों को पूरा किया जाएगा।"